राजधानी लखनऊ में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनू कुमार ने दुबग्गा थाने में दो मदरसों के संचालक रिजवानुल हक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। संचालक ने छात्रवृत्ति के लिए लखनऊ में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में आवेदन किया गया था। जांच में मदरसा की योग्यता छात्रवृत्ति के लिए नहीं पाई गई। इस पर आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद आरोपी ने फर्जीवाड़ा कर उन्नाव जिले से आवेदन कर छात्रवृत्ति ले ली।
जांच में सामने आया कि भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची में दोनों मदरसे के आवेदकों ने अपना गृह जनपद उन्नाव दर्शाया था। इसकी वजह से आवेदन लखनऊ की आईडी पर प्रदर्शित नहीं हुई। आवेदकों ने मिलीभगत कर उन्नाव से सभी आवेदन स्वीकृत करा लिए। खास बात ये है कि मदरसे की मान्यता (कक्षा 01 से 05) स्तर की है, जबकि आवेदन कक्षा 11 व 12 के लिए किया गया था।
इस कारण वित्तीय वर्ष 2022-23 में आवेदकों का बायोमीट्रिक भी लखनऊ में नहीं कराया गया। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण ने निर्देश जारी किए कि जो संस्थाएं जांच में अस्तित्व विहीन मिली हैं या उन्होंने छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता की है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके बाद यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।