राजधानी की सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी में संविदा परिचालकों के 326 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर प्रयागराज के आवेदक ने सवाल उठाते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आवेदक हिमांशु त्रिपाठी ने ‘अमर उजाला’ कार्यालय में आकर शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि कक्षा 12 में उसके 90.4 फीसदी अंक होने के बाद भी मेरिट सूची में उसका नाम नहीं है।
यहीं नहीं, मेरिट सूची में ऐसे भी आवेदक हैं, जिनकी जमा फीस का विवरण तक नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने इस शिकायत के बाद सिटी बस के प्रबंध निदेशक पीके बोस से जवाब मांगा है। उधर, प्रबंध निदेशक ने बताया कि हिमांशु ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान सीसीसी को अटैच ही नहीं किया था, जिससे सूची से बाहर हो गया।
बाद में पूरी कराई औपचारिकताएं
यह भी आरोप लगाया कि कई ऐसे आवेदकों का चयन हुआ, जिनके दस्तावेज व फीस संबंधी औपचारिकताएं बाद में पूरी कराकर चयन किया गया है। ऑनलाइन आवेदन प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो इसका खुलासा हो।
मेरिट सूची में गड़बड़ी
उपमुख्यमंत्री को दिए पत्र में चयन प्रक्रिया में नौ खामियां गिनाई गईं, जिसमें मेरिट सूची में गड़गड़ी करने का भी आरोप है। मेरिट सूची के क्रमांक चार, पांच, छह पर रवि पांडेय, 44 व 45 पर शान-ए-आलम 85 व 86 पर नितिन श्रीवास्तव, 108 व 109 पर मनोज कुमार व 123 व 124 पर अमित कुमार का नाम दर्ज है। यानी मेरिट सूची में एक ही आवेदक का कई-कई बार नाम दर्ज है।
फैक्ट फाइल
326 कुल पद
1665 कुल आवेदक
147 सामान्य
16 ईडब्ल्यूएस
88 पिछड़े वर्ग
68 अनुसूचित
07 जनजाति
मेरिट सूची वेबसाइट से सीधे जारी हुआ डाटा
हिमांशु त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री को जो विवरण सौंप कर नौ सवाल उठाएं हैं, वह सही नहीं हैं। यह विवरण वेबसाइट से सीधे जारी किया हुआ डाटा है, जो मेरिट लिस्ट नहीं है। बल्कि गलती से मेरिट सूची लिख गया। परिचालक पद पर चयन करने के लिए एक-एक आवेदक को बुला कर उसके दस्तावेजों की जांच करने के बाद चयन किया जा रहा है। चयन का 15 नवंबर अंतिम दिन था।
- पीके बोस, प्रबंध निदेशक लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी लिमिटेड