अमेठी में अपना पक्ष रखते भाजपा-कांग्रेस नेता।
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अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस की लड़ाई राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच सिमट गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेताओं के बीच इन दोनों नामों को लेकर ही चर्चा की जा रही है। भाजपा की तरफ से सोमवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने नामांकन दाखिल कर दिया है जबकि कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।
सोमवार को सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला की टीम जिले में पहुंची तो दोनों दलों के नेताओं से चर्चा की और एक-दूसरे के दावों को जानने की कोशिश की।
जिले के भाजपा नेताओं का कहना है कि ये नई अमेठी है। यहां विकास हो रहा है। जिले की पहचान बदल रही है। जनता को विकास योजनाओं का लाभ मिल रहा है जबकि राहुल गांधी के सांसद रहने के दौरान जिले ने सिर्फ गरीबी और खराब सड़कें ही देखी है। अमेठी की जनता भाजपा के साथ है। यही कारण है कि कांग्रेस की हिम्मत नहीं हो रही है कि राहुल गांधी को यहां से उम्मीदवार घोषित किया जा सके।
वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 2019 के चुनाव में स्मृति ईरानी ने 13 रुपये किलो चीनी देने का वादा किया था लेकिन वो वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। चीनी का दाम 40 रुपये में है। अमेठी में बीते 10 साल से भाजपा की सांसद हैं। इस दौरान कांग्रेस की सरकार द्वारा जिले को दिए गए विकास के प्रोजेक्ट रोक दिए गए हैं। सड़कों की हालत खराब है।
अमेठी सीट पर प्रत्याशी घोषित करने में कांग्रेस की तरफ से हो रही देरी पर कांग्रेस नेता का कहना है कि अमेठी राहुल गांधी का परिवार है। यहां कोई देर नहीं हुई है। घर में घोषणा नहीं की जाती है। बताया जाता है। बता दें कि कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेठी लोकसभा सीट पर राहुल गांधी ही चुनाव लड़ेंगे। अमेठी लोकसभा सीट पर पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तारीख तीन मई है।