राजधानी लखनऊ में आप सांसद संजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के नाम पर अब तक की सबसे बड़ी 'चंदा चोरी' का आरोप लगाया है। उन्होंने रजिस्ट्री के दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए इसकी परतें खोलीं।
संजय सिंह ने कहा कि यूपी सरकार और मोदी के ट्रस्ट ने तीर्थ क्षेत्र के बिल्कुल करीब स्थित 'माझाबरहटा' गांव में किसानों की करीब 3,500 बिस्वा जमीन को 4.40 लाख प्रति बिस्वा की दर से जबरन अधिग्रहित किया। लेकिन, तीर्थ क्षेत्र से काफी दूर स्थित शाहनवाजपुर में चंपत राय ने अपने चहेते व्यापारियों को 47 लाख प्रति बिस्वा की दर से राम भक्तों की गाढ़ी कमाई का पैसा लुटा दिया। साल 2023 में खरीदी गई जमीन का दाम आसमान पर और 2024 में अधिग्रहित किसानों की जमीन का दाम पाताल में। यह खुली लूट का माल आखिर किसके-किसके हिस्से में जा रहा है? इसकी जांच क्यों नहीं हो रही?
उन्होंने पीएम मोदी और मोहन भागवत की चुप्पी पर कहा कि इस देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के दान को दिन-दहाड़े लूटा जा रहा है, लेकिन पीएम और आरएसएस प्रमुख का एक भी बयान नहीं आता। तंज कसा कि प्रधानमंत्री जी अयोध्या से सीधे नागपुर (RSS मुख्यालय) तक एक 'टोल-फ्री एक्सप्रेसवे' बना दीजिए। ताकि, मंदिर का चंदा लूटकर सीधे नागपुर पहुंचाया जा सके।
संजय सिंह ने योगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सारे साक्ष्य आधिकारिक रूप से समय मांगकर SIT को सौंपने जा रहे हैं। हालांकि, आशंका जताई कि जांच शुरू होने से पहले ही नृपेंद्र मिश्रा द्वारा चंपत राय को क्लीन चिट दे दी गई, इस बात का सबूत है कि सरकार इस पर पर्दा डालना चाहती है।