पहले मोदी के गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में संजय जोशी की भागीदारी। अब मोदी के नए कर्म प्रदेश बने उत्तर प्रदेश में संजय के हाथ में मोदी के स्वच्छता अभियान की झाड़ू।
चर्चाएं स्वाभाविक हैं। सार्वजनिक रूप से दिख रहा यह बदलाव, भाजपा की राजनीति में भी बदलाव लाएगा या सब कुछ यूं ही चलता रहेगा, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है।
पर, इस बदलाव ने कार्यकर्ताओं के दिल में भविष्य की कुछ भूमिकाओं को लेकर तरह-तरह की संभावनाओं को जन्म दे दिया है। इन्हें भरोसा है कि कहीं न कहीं कुछ जरूर बदला है। तभी संजय जोशी बदले हैं।
भविष्य में मोदी भी बदलेंगे। दोनों लोगों के रिश्ते ठीक होने से भाजपा का भविष्य भी ठीक होगा। मोदी की मेहनत और संजय की संगठनात्मक जानकारी उत्तर प्रदेश में भी 14 साल से वनवास भोग रही भाजपा के सत्ता में पहुंचने का रास्ता आसान करेगी।