‘मिशन मोदी’ को परवान चढ़ाना है। इसलिए पूरे संघ परिवार ने इस बार अभी से इसमें जुटने की तैयारी कर ली है।
अभी तक मतदान के एक-दो दिन पहले से संघ के लोगों की सक्रियता सामने आती थी। विद्यार्थी परिषद पर मतदाता बनवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच जैसे संगठन केंद्र सरकार के हिंदुत्व विरोधी निर्णयों को लेकर गांव-गांव जाएंगे।
ये सपा, बसपा और अन्य दलों को भी हिंदू विरोधी साबित करने वाले तर्क व उदाहरण लोगों के बीच रखेंगे।
विद्यार्थी परिषद ने विशेष तौर से 18 से 24 वर्ष की आयु वाले युवकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का अभियान हाथ में लिया है।
इसके लिए परिषद के कार्यकर्ता न सिर्फ स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अभियान चलाने की तैयारी में हैं, बल्कि कस्बों और गांवों में भी इस काम को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संघ के एक प्रांत पदाधिकारी के अनुसार, अभी हाल में ही निपटे विधानसभा चुनावों में जिस तरह युवाओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, उसी कारण दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
इस तरह चलेगा अभियान
विद्यार्थी परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री धर्मपाल कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में 15 से 25 दिसंबर के बीच मतदाता बनाओ अभियान शुरू करने का फैसला किया गया है।
जगह-जगह शिविर लगवाकर लोगों से मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फार्म नंबर छह भरवाया जाएगा।
इसके लिए हर जगह वोटिंग रजिस्ट्रेशन यूनिट (वीआरयू) का गठन किया गया है। प्रत्येक यूनिट में विद्यार्थी परिषद के तीन कार्यकर्ता रहेंगे।
जो फार्म भरवाकर संबंधित कार्यालयों में जमा करेंगे। महानगरों में ऐसी 20-20 यूनिटें बनाई गई हैं। प्रदेश मंत्री दीपक ऋषि कहते हैं कि उनके अभियान को किसी पार्टी से जोड़ना ठीक नहीं है।
यह अभियान उन दस करोड़ लोगों में ज्यादा से ज्यादा को मतदाता बनवाने का है जो अभी मतदाता सूची से बाहर हैं। गांवों के लिए भी तीन दिन का विशेष अभियान रखा गया है।
हम करेंगे हिंदू हित संरक्षक सरकार की पैरवी
विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा जो कुछ कहते हैं उससे संघ की मंशा व इरादे साफ हो जाते हैं। उनके अनुसार, केंद्र की कांग्रेस सरकार हो या सूबे की अखिलेश सरकार।
इसके अलावा बसपा या अन्य दल हों। सभी मुस्लिम परस्त नीतियों को संरक्षण दे रहे हैं। हिंदुओं के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।
अब सांप्रदायिक हिंसा निरोधक विधेयक के जरिये हिंदुओं के उत्पीड़न की नई साजिश शुरू हो गई है। ऐसे सियासी दलों की सच्चाई समाज के सामने रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम लोगों से हिंदू हित रक्षक सरकार को केंद्र की सत्ता सौंपने के बारे में लोगों को समझाएंगे।