मुजफ्फरनगर दंगे में लोगों को भावना भड़काने व उन्हें हिंसा के लिए उकसाने के आरोपी भाजपा विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा को बुधवार को उच्च अदालत की एनएसए एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के वरिष्ठ न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति एसएन सहाय और न्यायमूर्ति खेमकरन के बोर्ड ने आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद जिले के डीएम व एसएसपी का पक्ष जाना।
बोर्ड ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद अभी कोई फैसला नहीं दिया है। अगर बोर्ड एक पेशी के बाद ही कोई फैसला लेता है तो वह इसे एक दिन बाद जारी करेगा। बोर्ड अपनी राय सरकार को भेजेगा, जिस पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
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शाम साढ़े चार बजे के बाद शुरू हुई सुनवाई एक घंटे से अधिक चली। एसएसपी मुजफ्फरनगर एचएन सिंह ने बताया कि सुनवाई के बाद विधायकों को लखनऊ जेल भेजा गया है।
आईजी कारागार आरपी सिंह ने कहा कि शाम ढल जाने की वजह से सुरक्षा कारणों से उन्हें लखनऊ जेल लाया जाने का फैसला किया गया होगा।
आईजी ने कहा कि इस बात की संभावना है कि दोनों को गुरुवार को मुजफ्फरनगर पुलिस अपने साथ ले जाएगी।
गौरतलब है कि बोर्ड के समक्ष मुजफ्फरनगर से पकड़े गए भाजपा विधायकों के साथ ही शामली में इसी मामले में गिरफ्तार किए गए तीन अन्य को पेश किया जाना था पर बुधवार को इनमें से सिर्फ दोनों विधायकों को यहां लाया जा सका।
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