लोबान के धुएं से मां की आरती-पूजन के बीच ढाकियों की थाप ने शनिवार को शहर में कोलकाता की झलक से रू-ब-रू कराया।
दिन में हुई विशेष महाअष्टमी पूजन ने उल्लास दोगुना किया। दोपहर में तीन बजे के बाद से अष्टमी और नवमी तिथिकाल की संधि पर हुई भव्य संधिपूजा में माता की अर्चना को पांडालों में इस कदर भीड़ उमड़ी कि दुर्गा पूजा पांडाल तक छोटे पड़ गए।
कहीं पर ये पूजा दोपहर तीन बजे से शुरू हुई तो कहीं ये 3.40 बजे के बाद से। शाम से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुई संधि पूजा में दुर्गा पूजा पांडालों में स्थापित मां को भक्तों ने 108 दीपों, 108 कमलपुष्प, 108 गुड़हल के पुष्प और 108 बिल्वपत्र अर्पित किए।
अष्टमी तिथि और नवमी तिथि की संधि के 24-24 मिनट मिलाकर कुल 48 मिनट की संधिपूजा के चरम ने इसे खास बनाया। महाआरती उतारने के बाद भक्तों ने माता को पारंपरिक भोग चढ़ाया।
काली बाड़ी में भी खचाखच जुटे भक्तों ने पूजा की। कोलकाता से आये ढाकियों ने ढाक बजाकर लोगों ने थिरकाया तो पांडालों में धुनुची नृत्य पर थिरक कर युवाओं ने मां की आराधना की।
माडल हाउस, लाटूश रोड, कृष्णानगर, इंदिरानगर, चारबाग, आलमबाग और आशियाना-कैसरबाग के तमाम दुर्गा पूजा पांडालों में दोपहर को जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
दिन भर पंडालों में पुलाव, चचड़ी, बूंदी, पापड़ समेत तमाम प्रकार के भोग बांटे गये। रविवार को मां की महानवमी पूजा की जायेगी और उन्हें पुष्पांजलि दी जायेगी। इससे पहले सुबह निरालानगर केरामकृष्ण मठ में कुमारी पूजन को देखने सैकड़ों श्रद्धालु जुटे।