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उभ्भा कांड में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति, एसआईटी ने कई बिंदुओं पर की थी जांच

Fri, 18 Sep 2020 10:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र के उभ्भा कांड में दोषी पाए गए लोक सेवकों में से तीन के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिल गई है। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने इस मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी, जिसमें एक रिटायर आईएएस व दो तहसीलदार (इनमें एक रिटायर) समेत अन्य के नाम शामिल हैं। 
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जिनकी अभियाजन स्वीकृति मिली है उनमें तत्कालीन इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह व मूलचंद्र चौरसिया के अलावा उप निरीक्षक पदमकांत तिवारी के नाम हैं। 

एसआईटी ने जुलाई 2019 में उभ्भा में हुए नरसंहार की कई बिंदुओं पर जांच की थी। एसआईटी ने बीते फरवरी 2020 में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी 

सोनभद्र के तत्कालीन डीएम, एसडीएम समेत 21 अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और एक एसडीएम, एक तहसीलदार समेत 22 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की भी सिफारिश की थी। इसी क्रम में एसआईटी ने आठ लोकसेवकों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी। 
 
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बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदर्श कृषि सहकारी समिति उभ्भा/सपही, जनपद सोनभद्र के सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र करते हुए राजस्व अभिलेखों में हेरफेर करने के आरोपों में दो पुलिस निरीक्षकों तथा एक उप निरीक्षक के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी।

सोनभद्र में 17 जुलाई 2019 को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में एक सहकारी समिति की विवादित जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष के 11 लोगों की मौत हो गई थी और 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
 
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