बेगम अख्तर, अतिया हुसैन और डॉक्टर कैप्टन लक्ष्मी सहगल के साथ ही अवध से ताल्लुक रखने वाली 33 अन्य नारियों को चार दिन तक याद किया जाएगा।
आज से शुरू होने वाले महिंद्रा सनतकदा फेस्टिवल में चार दिन अवध की संस्कृति की बयार बहेगी।
फेस्टिवल की संयोजक माधवी कुकरेजा ने बताया कि 6 फरवरी से शुरू होने वाले फेस्टिवल के पहले दिन से देश भर से 70 दस्तकार व शिल्पकार जुटेंगे।
इनमें मध्य प्रदेश, देहरादून, आंध्रप्रदेश, पं. बंगाल समेत तमाम राज्यों के शिल्पी पहुंचेंगे। इसके अलावा फेस्टिवल में कला और संगीत के तमाम कार्यक्रम भी होंगे।
इसमें ए ट्रिब्यूट टू बेगम अख्तर, बैंड रघु दीक्षित प्रोजेक्ट, एक प्ले- इस्मत आपा के नाम कम्बख्त बिल्कुल औरत के साथ ही हमारे पं. बिरजू महाराज व सरस्वती सेन का कथक भी समां बांधेगा।
आयोजन अवध जिमखाना क्लब में हर शाम 7 बजे से होंगे। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को शाम 4 बजे से वूमेन एंड म्यूजिक विषयक पैनल डिस्कशन भी होगा।
इसमें बेगम अख्तर, गुलाब बाई जैसे कलाकारों पर परिचर्चा होगी। फेस्टिवल में हेरिटेज वॉक के अलावा किस्सागोई की शाम भी सजेगी।