फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Samwad 2026: 'यूपी-उत्तराखंड तो हमारा है, इस बार लग रहा कि पंजाब-हिमाचल भी हमारा हो जाएगा', बोले डिप्टी सीएम

Tue, 19 May 2026 02:10 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Amar Ujala Samwad Lucknow 2026: लखनऊ में दो दिन के अमर उजाला संवाद की सोमवार को शुरुआत हुई। पहले दिन 10 से ज्यादा सत्र हुए। इसमें मोटिवेशन से लेकर अनुशासन तक, जुनून से लेकर जिंदगी तक, अनुशासन से लेकर आकांक्षाओं तक, जज्बे से लेकर जीत तक और शक्ति से समृद्धि तक अलग-अलग विषयों पर बात हुई। आज कार्यक्रम का दूसरे दिन प्रदेश के डिप्टी सीएम केश प्रसाद मौर्य ने शिरकत की।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमर उजाला संवाद का मंच सजा हुआ है। राजधानी के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन हो रहा है। आज इस कार्यक्रम का दूसरा दिन है। जिसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शिरकत की। 

विज्ञापन




चुनाव चौखट पर हैं, भाजपा के लिए ताकत और तनाव वाली क्या चीजें हैं?
जवाब: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'सबसे बड़ी जो ताकत हमारी है, हमारे संगठित कार्यकर्ताओं की बूथ स्तर तक समर्पित संरचना है। हमारे कार्यकर्ता का एक ही लक्ष्य रहता है कि मेरा बूथ सबसे मजबूत और इस संकल्प के साथ हमारा जो अभियान शुरू होता है तो वह अभियान सिर्फ इस सीमा तक नहीं रहता है कि हमने कोई बैठक कर लिया या सम्मेलन कर लिया या मन की बात सुन ली। बल्कि हर परिवार से कैसे संपर्क हो और किस परिवार में कौन मतदाता, हर हाल में और किसी भी परिस्थिति में मजबूती के साथ खड़े रहेंगे। और कौन ऐसे हैं जो नहीं खड़े रहेंगे। उन सब से संपर्क कर हमारा एक ही लक्ष्य रहता है कि हमारा बूथ सबसे मजबूत, यह हमारी ताकत है। जिसके पास बूथ स्तर तक संगठन की ताकत है तो बूथ जीता तो विधानसभा जीता, विधानसभा जीता तो उत्तर प्रदेश जीता। उत्तर प्रदेश जीता तो सरकार बनाई।

विज्ञापन

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला
डिप्टी सीएम ने आगे कहा, 'तनाव का ऐसा कोई विषय हमारे ध्यान में नहीं आता है। लगातार 2024 के जो चुनाव में विपक्ष के हमारे दलों ने एक दुष्प्रचार किया, संविधान खत्म कर देने का आरोप लगाया। आरक्षण खत्म कर देंगे ऐसा प्रचार किया। इसके कारण उनकी सीटें उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में कुछ बढ़ गईं। लेकिन जैसे ही हमारे नंबर देश की दृष्टि से और उत्तर प्रदेश की दृष्टि से घटे, उसके तत्काल बाद 2024 में ही हरियाणा विधानसभा का चुनाव हुआ और उस चुनाव को बहुत बड़े बहुमत के साथ हमने जीता। तनाव जो था वो खत्म हो गया। वहीं से फिर महाराष्ट्र जीता तीन चौथाई बहुमत से और एकदम स्मूथ हो गए। फिर इसके बाद दिल्ली प्रदेश 27 साल बाद जीत लिया और अनुकूलता हम लोगों को महसूस हुई। इसके बाद बिहार हम लोगों ने जीता तो उसके कारण और अनुकूलता हुई और अभी तो पश्चिम बंगाल जीत लिया है तो तनाव का तो कोई रास्ता ही बचता ही नहीं है।

'इस बार लग रहा है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश भी हमारा हो जाएगा'
उन्होंने कहा, 'असम में भी और पांडिचेरी में भी हमारी सरकार बन गई है। हमारी विजय यात्रा चल रही है लेकिन परिश्रम में कोई कमी नहीं है। देश के 80 प्रतिशत भूभाग पर आज भाजपा और एनडीए सत्ता में है जो बीस प्रतिशत बचा है उसमें से कुछ भाग हम लोगों को उम्मीद है कि अभी 2027 के जब विधानसभा चुनाव होंगे, यूपी और उत्तराखंड तो हमारा है लेकिन इस बार लग रहा है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश भी हमारा हो जाएगा। तो भू भाग जो अभी 80 प्रतिशत है वो 90 प्रतिशत हो जाएगा।'

सवाल: डिप्टी सीएम से सवाल किया गया कि कुछ देर पहले अखिलेश यादव इस मंच पर थे और वो पिछले लोकसभा के नतीजों के हवाले से पूर्वांचल बाकी जगह के आंकड़ों का हवाला देते हुए बड़े कॉफिडेंस के साथ कुछ बड़ा हासिल करने की बात कर रहे थे, क्या आप उन्हें कमजोर विपक्ष मानकर चल रहे हैं?

'आरजेडी, आम आदमी पार्टी, टीएमसी.. सभी चारों खाने चित्त हो गए'
जवाब: डिप्टी सीएम ने कहा, 'अखिलेश जब 2024 के परिणाम की बात करते हैं तो निश्चित तौर से उनको लगता होगा कि हम 2024 को 2027 तक स्थापित रख पाएंगे तो मैं मानता हूं यह समाजवादी पार्टी के हर नेता की गलतफहमी है। 2024 के बाद गंगा में बहुत पानी बह गया है और जिनके समर्थन में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी खड़ी हुई, चाहे वो आरजेडी हो, चाहे आम आदमी पार्टी हो, चाहे टीएमसी हो सभी चारों खाने चित्त हो गए। हम लोग तो खुशी से झूम रहे हैं कि क्योंकि अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर पांच सौ साल बाद भव्य मंदिर बन गया है और आजादी के बाद पहली बार जो हमारे आदर्श पुरुष है डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी जन्मभूमि पर भाजपा की सरकार बन गई।'

सवाल: क्या इस बार भी चुनाव में मुद्दा अयोध्या होगा?  

'अब मेरा नारा छोटा पड़ गया है'
जवाब: डिप्टी सीएम ने कहा, 'मुद्दा अयोध्या कभी न था, न है औ न रहेगा। मुद्दा तो एक ही है कि अगर हम सबका साथ सबका विकास करेंगे तो सबका समर्थन हमें मिलेगा। मैं नारा लगाया करता था कि 100 में 60 प्रतिशत वोट हमारा है और 40 में बंटवारा है और बंटवारे में भी हमारा है। लेकिन अभी जो रिजल्ट आया तो उसमें 80 प्रतिशत हमारे पक्ष में आ रहा है और 20 प्रतिशत बाकी लोगों में जा रहा है तो अब मेरा नारा छोटा पड़ गया है। हमें जनता का आशीर्वाद कहीं ज्यादा मिल रहा है।'

सवाल: केशव जी जब भी उत्तर प्रदेश की राजनीति बात आती है तो जाति ऐसा फैक्टर जिसके बिना कोई बात शुरू या खत्म नहीं होती है। आपको लगता है ये कितना सही है और क्या कभी ऐसा वक्त आएगा बदलती हुई पॉलिटिक्स और जेनजी का इंटरफेयरेंस देख पाएंगे?

जवाब: डिप्टी सीएम ने कहा, 'देखिए जातिवाद की राजनीति करने वाले आप देख लीजिए चाहे वो किसी भी प्रदेश के हों। अब जातिवादी और परिवारवाद इस राजनीति का लगभग अंत समय आ गया है। यह सही है कि जातियां समाज में है और हम जातियों के हिसाब से समाज में लोग है और उनको हम हिस्सेदारी नहीं देंगे, सम्मान नहीं देंगे तो निश्चित तौर से वो जाति और समाज फिर सोचता है कि मेरी पार्टी ये नहीं है मेरी पार्टी ये है। हमारी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जिसमें किसी भी जाति का हो, हम जाति की बात नहीं करते लेकिन फिर भी किसी भी जाति का हो वो भारतीय जनता पार्टी की देश की सरकार देख लीजिए, आप उत्तर प्रदेश की सरकार देख लीजिए। आपको सामाजिक समीकरण का एक सुंदर गुलदस्ता अगर कोई है तो वो भारतीय जनता पार्टी है जहां सबको सम्मान, पहचान देने का काम किया गया है और आगे भी किया जाएगा।'

'हम सब एकजुट होकर काम कर रहे हैं'
दो डिप्टी सीएम पर किए सवार पर उन्होंने कहा, 'यह चर्चा 2017 से है, उसके बाद 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ। जो चर्चा कर रहे थे वो कहां रह गए और जो चर्चा नहीं कर रहे थे वे कहां हैं। 2019 के बाद 2022 का विधानसभा चुनाव हुआ। उसमें भी हम लोगों ने जीत प्राप्त की। 2022 के बाद 2024 का चुनाव हुआ। जिसमें विपक्ष ने जो मुद्दा बनाया, जो दुष्प्रचार उन्होंने किया उसका उन्हें फायदा मिला। लेकिन यह मुद्दा केवल समाजवादी पार्टी के द्वारा उठाया जाता है। मुझे नहीं लगता कि ऐसी कोई बात है। पिछले नौ वर्षों से मैं सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ डिप्टी सीएम के नाते काम कर रहा हूं। ब्रजेश पाठक 2022 के बाद से डिप्टी सीएम के रूप में काम कर रहे हैं। हम सब एकजुट होकर काम कर रहे हैं। लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

सवाल: राजनीति में आपका कोई दोस्त है?
जवाब: डिप्टी सीएम ने कहा, 'दोस्त तो राजनीति में सभी लोग होते हैं। देखिए आदर्श होते हैं, जैसे आप राजनीति में हमारे आदर्श प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। और देश में राजनीति के चाणक्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं। हमारे पूरे देश के भाजपा के कार्यकर्ताओं के आदर्श हैं।'

सवाल: विपक्ष को कितना चुनौती मानकर चलते हैं?

'हम 2027 में 2017 से ज्यादा बड़ी विजय प्राप्त करें'
जवाब: डिप्टी सीएम कहा, मुझे नहीं लगता कि विपक्ष चुनौती पैदा बनेगा। 2027 में सपा-बसपा कांग्रेस तीनों एक हो जाएं तब भी भाजपा के लिए चुनौती नहीं पेश कर पाएंगे। हम 2027 में 2017 से ज्यादा बड़ी विजय प्राप्त करेंगे।'
विज्ञापन

'जेन जी भाजपा के साथ'
जेन जी को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा, '2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, बिहार, असम, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हम लागातार सात राज्यों में विजय प्राप्त कर चुके हैं। जिसके बाद यह साफ हो चुका है कि जेन जी भाजपा के साथ है।'

मंत्रिमंडल विस्तार पर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है कि वह अपने मंत्रिपरिषद में किसे शामिल करना चाहिते हैं और किसे कौनसा मंत्रालय देना चाहते हैं। इस पर सवाल उठाने का काम विपक्ष वाला करता है। मुख्यमंत्री के अधिकार पर कोई सवाल नहीं कर सकता।' क्या मंत्रालय का बंटवारा जाति के आधार पर हुआ है? इस सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि यह जाति के आधार पर नहीं हुआ है।
 
इस बार चुनाव किस सीट से चुनाव लड़ेंगे?
इस सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जहां से पार्टी खड़ा करेगी वहां से चुनाव लड़ेंगे। हमें मांगना नहीं है, पार्टी जहां से चाहेगी वहां से लड़ेंगे और जीत भी हासिल करेंगे तीसरी बार प्रदेश में कमल खिलाएंगे। 

'अखिलेश यादव विफल मुख्यमंत्री थे'
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि योगी आदित्यनाथ एक सफल मुख्यमंत्री हैं। अखिलेश यादव विफल मुख्यमंत्री थे। 

मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर यह बोले डिप्टी सीएम
मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर केशव ने कहा कि मैं कार्यकर्ता हूं। हमारे यहां व्यक्ति नहीं, पार्टी और विधायकों का दल सीएम चुनता है। ऐसा मौका पार्टी देती ही नहीं है तो ऐसे काल्पनिक सवाल का जवाब कोई कैसे दे सकता है? उन्होंने कहा कि जब पार्टी और विधायक दल चाहेगा, तब देख सकते हैं। राजनीति में रहते हुए मुख्यमंत्री या कुछ भी बनने की बात अगर आएगी तो जरूर बनना चाहेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें