लोकसभा में मिली करारी हार के बाद प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव हर वो कार्य करने में जुट गए हैं, जिससे सीधे जनता को लाभ मिले और सपा को खोया हुआ जनाधार मिल सके।
इसी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री ने 18 साल से कम उम्र के विकलांग बच्चों के माता-पिता को समाजवादी पेंशन का लाभ देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने विकलांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पेंशन योजना में यह संशोधन किया है। यह जानकारी सोमवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता ने दी।
ऐसी योजना पहले नहीं बनी
प्रवक्ता ने बताया कि यह अपनी तरह की पहली योजना होगी, जिसके तहत ऐसे विकलांग बच्चे, जिनकी उम्र 18 साल से कम है, उन्हें पेंशन का लाभ प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार की विकलांग कल्याण की जो योजना है, उसके अंतर्गत 18 साल पूरे करने के बाद ही विकलांगजन को पेंशन दी जा रही है।
इससे एक बहुत बड़ा वर्ग पेंशन के लाभ से वंचित हो जाता है।
मुख्यमंत्री के निर्णय के फलस्वरूप समाजवादी पेंशन योजना के माध्यम से प्रदेश के 18 साल से कम आयु के लाखों विकलांग बच्चे लाभान्वित होंगे।
पीएसी कर्मियों की बेटियों के लिए कन्या विद्या निधि
वहीं दूसरी ओर पीएसी कर्मियों की बेटियों की शिक्षा में सहायता करने के उद्देश्य से ‘कन्या विद्या निधि’ की स्थापना की गई है।
पीएसी के महानिदेशक रंजन द्विवेदी ने बताया कि पीएसी के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बालिकाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता योजना शुरू की जा रही है। इसका नाम कन्या विद्या निधि रखा गया है।
डीजी पीएसी ने कहा, एक निर्धारित अवधि के बाद आसान किस्तों में यह राशि 30 माह के अंदर लाभार्थी द्वारा वापस की जाएगी।