बीएचयू में प्रदर्शन करतीं छात्राएं
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वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्राओं पर शनिवार शाम हुए लाठीचार्ज की जांच के लिए समाजवादी पार्टी एक दल भेजेगा। आठ सदस्यीय दल कल सुबह वाराणसी के लिए रवाना होगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने यह जानकारी आज मीडिया को दी। छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह 'देव' मंगलवार को इसकी विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेंगे।
इससे पहले आज सुबह अखिलेश यादव ने ट्वीट कर घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि बल से नहीं बातचीत से हल निकाले सरकार और दोषियों पर कार्रवाई करे। बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने आगे ट्वीट किया कि नारी रक्षा व गरिमा की बात करने वालों ने बीएचयू में छात्राओं व प्रेस पर लाठीचार्ज कर साबित कर दिया है कि अब आवाज़ उठाने की आज़ादी भी छिन गयी है।
सीएम योगी ने वाराणसी के कमिश्नर से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि बीएचयू की छात्राएं कैंपस में उनके साथ हो रही छेड़छाड़ को लेकर पिछले कुछ दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहीं हैं। शनिवार शाम पुलिस ने छात्राओं को धरनास्थल से हटाने का प्रयास किया जिससे दोनों में झड़प हो गई।
छात्राओं का आरोप है कि पुलिस ने उन पर बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। इससे बचने के लिए छात्राएं अपने हॉस्टल के अंदर जा पहुंची, लेकिन पुलिस बलों ने उन्हें वहां भी नहीं छोड़ा।
इस घटना के बाद से विश्वविद्यालय में अफरा-तफरी का महौल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्राओं को हॉस्टल खाली करने का आदेश दे दिया है।
आज विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफ़ेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने मीडिया से कहा कि विश्वविद्यालय में अराजकता का महौल बाहरी तत्वों की वजह से है।