कार्यक्रम का शुुुभारंभ करते अतिथि
सांस के अतिगंभीर मरीजों के लिए नॉन इनवेजिव वेंटीलेशन (एनआईवी) तकनीक वरदान साबित हो रहा है। यह न सिर्फ सुविधाजनक है, बल्कि इसका उपयोग आम आदमी भी आसानी से कर सकता है।
यह काफी किफायती भी होता है। यह जानकारी शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में आयोजित संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने दी।
कार्यक्रम का आयोजन पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन और इंडियन चेस्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।
संगोष्ठी में वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. एसएन गुप्ता, डॉ. अजय वर्मा, मुंबई से आए डॉ. सुजीत के राजन ने जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुजीत के राजन ने बताया कि वेंटीलेटर की पुरानी तकनीकी से मरीजों को कई प्रकार की समस्याएं होती थीं। इसको उपयोग करने के लिए उन्हें नली की सहायता लेनी होती थी।
जिससे निमोनिया का खतरा रहता था, लेकिन एनआईवी तकनीक में मरीज को सिर्फ मास्क लगाना होता है। डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि इसका आसानी से घर पर भी प्रयोग किया जा सकता है।
इससे बार-बार अस्पताल में भर्ती होने से निजात मिल जाएगी। डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि आकार में छोटी होने के कारण मशीन कहीं भी लेकर जा सकते हैं।