समाजवादी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी में जगह बनाने के लिए जोड़तोड़ तेज हो गई है।
जिलाध्यक्ष बन पाने से वंचित नेताओं ने इसके लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। संभावना है कि प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव जल्द ही अपनी टीम की घोषणा कर देंगे।
लोकसभा चुनाव में हार के बाद अध्यक्ष अखिलेश यादव को छोड़कर सपा की प्रदेश कार्यकारिणी, अध्यक्षों समेत सभी प्रकोष्ठ व जिला इकाइयां भंग कर दी गई थीं। जिला इकाइयों में अध्यक्षों की नियुक्तियां हो गई हैं।
नौ प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष नामित किए जा चुके हैं। अध्यक्षों से 15 दिन में कार्यकारिणी गठित कर अनुमोदन के लिए प्रदेश अध्यक्ष को भेजने के लिए कहा गया है।
अब नजर सपा की प्रदेश इकाई के गठन पर है। प्रदेश की टीम में जगह पाने के दावेदार नेताओं की लंबी लिस्ट है। इसमें ऐसे नेता भी हैं जो जिलाध्यक्ष या प्रकोष्ठों के अध्यक्ष पद की उम्मीद पाले हुए थे।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व प्रदेश कार्यकारिणी को बहुत लंबा-चौड़ा बनाने के पक्ष में नहीं है। प्रदेश की टीम में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश होगी।
इसमें पिछड़ों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की पर्याप्त भागीदारी रहेगी। पार्टी के पुराने और वफादार नेताओं के साथ ही कुछ युवाओं को भी मौका दिया जाएगा।
प्रदेश संगठन को ऐसा बनाने की कोशिश है जो सरकार की सोच और योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सके। प्रदेश इकाई की घोषणा मुलायम सिंह यादव से विचार-विमर्श करके की जाएगी।