पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश सरकार पर एससी में 17 जातियों को शामिल करने के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एससी में शामिल करने से पहले सरकार इन्हें ओबीसी की सूची से बाहर करे।
उन्होंने ट्वीट किया कि सरकार इन 17 जातियों का कोटा निर्धारित करे, तभी इन जातियों को एससी में मिलने वाली सुविधाएं मिल पाएंगी। राज्य सरकार अब केंद्र को इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजेगी।
इसके बाद यह प्रस्ताव लोकसभा और राज्यसभा में पास होगा। तभी ये एससी की सूची में शामिल हो पाएंगी। इस तरह सरकार ने एक बार फिर अनुसूचित जाति में शामिल करने के बहाने इन जातियों के लोगों को गुमराह करने की तैयारी कर ली है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने अति पिछड़ी 17 जातियों को एससी का दर्जा देने का विरोध किया है। समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि एससी में शामिल होने वाली इन जातियों की आबादी 12 प्रतिशत है।
इससे अनुसूचित जाति का आरक्षण प्रभावित होगा। अगर आरक्षण में इन्हें हिस्सेदारी दी जा रही है तो एससी का आरक्षण 33 फीसदी किया जाए। इसे सरकार की साजिश बताते हुए उन्होंने कहा कि रविवार को समिति की आपात बैठक में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।