सपा ने निकाय चुनाव में भाजपा पर सत्ता का खुलेआम दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त से इसकी शिकायत की है। सपा का कहना है कि प्रमुख शहरों में एक खास वर्ग के वोटरों के नाम सूची से गायब करवा दिए गए। भाजपा के मंत्री और नेता खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि निर्वाचन आयुक्त से मतदाता सूचियों में की गई धांधली की उच्चस्तरीय जांच व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पहले और दूसरे चरण के मतदान में प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर मतदाता सूचियों में बड़ी संख्या में लोगों के नाम निकलवा दिए गए।
लखनऊ, अलीगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी, मेरठ और आगरा जैसे नगर निगम क्षेत्रों में सुनियोजित रूप से 15 से 20 प्रतिशत वोट सूचियों से बाहर करवा दिए गए। गोपनीय ढंग से कुछ विशेष वर्गों के नाम और यहां तक की पूरी की पूरी बस्तियों के नाम ही गायब कर दिए गए हैं।
सपा नेताओं ने चुनावी सभाओं में लोगों को प्रलोभन और ईवीएम में भी गड़बड़ी कराने व वीवीपैट न सुविधा न देने की शिकायत की है।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की अगुवाई में राज्य निर्वाचन आयुक्त सतीश कुमार अग्रवाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सदस्य संजय सेठ और प्रदेश सचिव व एमएलसी अरविंद कुमार सिंह भी शामिल थे।