उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्से से कई विधायक लखनऊ में डेरा डाले हैं। कोई अपने सरकारी आवास से सियासी हवा का रूख भांपने का प्रयास कर रहा है तो कोई रिश्तेदार के यहां से। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए एक सपा विधायक ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उनके सामने बड़ी चुनौती है। सपा अध्यक्ष ने क्षेत्र में रहने के लिए कहा है। जब क्षेत्र में जाते हैं तो वहां से जनता यह कहती है कि टिकट लेकर आओ। उनके विधानसभा क्षेत्र पर गठबंधन में शामिल पार्टी ने भी दावेदारी कर दी है। ऐसे में जनता सवाल पूछती है कि टिकट हमें मिलेगा या गठबंधन वाले को। वोट मांगने जाओ तो यही सवाल बार-बार पूछे जाते हैं। ऐसे में अब दो तीन दिन इंतजार कर रहे हैं। विधायक होने की वजह से एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, लेकिन कब झटका लग जाए, यह तय नहीं है।
टिकट कटेगा या सीट बदलेगी: नींद उड़ी
बसपा से सपा में आकर विधायक बने पूर्वांचल के एक विधायक का टिकट कटने आशंका है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार को हराने का आरोप झेल रहे इस विधायक के सामने गठबंधन में शामिल पार्टी ने दावा ठोंक दिया है। वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दरबार में हाजिरी लगाकर टोह ले रहे हैं। वह दावा करते हैं कि उनके अनुसार विधानसभा सीटों पर टिकट दिया गया तो जिले की सभी सीटें जीत जाएंगे।
इस दावे के बीच वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से खुद की स्थिति के बारे में भी पूछते हैं। बातचीत के दौरान यहां तक कहते हैं कि इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष क्या करेंगे, किसी को पता नहीं है। इसलिए नींद उड़ी हुई है। क्षेत्र में जनता का सवाल देते-देते थक गए, सो लखनऊ में डेरा डाले हैं। इसी तरह मध्य यूपी के एक विधायक यह कह रहे हैं कि उनकी सीट पर बसपा से आए उम्मीदवार को उतारा जा सकता है। ऐसे में वह राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं से अपील कर रहे हैं कि उन्हें बगल वाली विधानसभा क्षेत्र की सीट दे दी जाए।