कैराना सीट पर सपा किसी मुस्लिम या पिछड़े पर दांव लगाएगी। सपा के दावेदारों में पूर्व सांसद तबस्सुम मुनव्वर, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. सुधीर पंवार, किरणपाल सिंह कश्यप और एमएलसी वीरेंद्र सिंह गुर्जर समेत कई दावेदार हैं। गैर मुस्लिम प्रत्याशी उतारने की स्थिति में किसी जाट या कश्यप का दावा मजबूत माना जा रहा है। कैराना सीट पर जाट डेढ़ से पौने दो लाख और कश्यप लगभग एक लाख वोटर हैं। गुर्जर वोट भी लगभग सवा लाख हैं। सर्वाधिक लगभग पांच लाख मुस्लिम और सवा दो लाख दलित मतदाता हैं। कैराना सीट ज्यादातर जाट या मुस्लिम सांसद बनते रहे हैं।
नूरपुर सीट राष्ट्रीय लोकदल को नई दोस्ती की खातिर मिल सकती है। इस सीट पर सपा से नईमुल हसन 66 हजार से ज्यादा वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बार भी उन्हें ही टिकट का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। पश्चिमी यूपी में रालोद से दोस्ती के चलते उसे नूरपुर सीट दी गई है। यदि सपा कैराना में गैर मुस्लिम उम्मीदवार उतारेगी तो रालोद नूरपुर में किसी मुस्लिम को टिकट दे सकती है।
सपा सूत्रों के मुताबिक गठबंधन के उम्मीदवारों की घोषणा से पहले इसकी जानकारी बसपा सुप्रीमो मायावती को दी जाएगी। अखिलेश यादव उन्हें यह भी बताएंगे कि जयंत चौधरी से उनकी क्या बातचीत हुई है। जयंत भी मायावती से मिलेंगे। बसपा सुप्रीमो की हरी झंडी के बाद ही उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे।
सपा दफ्तर व विक्रमादित्य मार्ग स्थित अखिलेश यादव के आवास पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। अखिलेश से वार्ता के बाद जयंत उनके आवास के पिछले गेट से निकलकर सीधे एयरपोर्ट चले गए। अखिलेश व जयंत के साथ ही दोनों दलों के किसी भी नेता ने इस बैठक के संबंध में मीडिया से बात नहीं की।