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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भड़के सपा-रालोद, बोले- तेल कंपनियों के लिए अवसर बनी आपदा

Sun, 14 Jun 2020 05:59 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पिछले एक सप्ताह से पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि पर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने कड़ा विरोध जताया है। सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौर में सरकार आम लोगों पर महंगाई का बोझ लाद रही है। जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बहुत नीचे हैं तब पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि जनता की जेब पर डाका और महंगाई की मार थोपना है।

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भदौरिया ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते किसान, मजदूर, व्यापारी, नौकरीपेशा, सभी गंभीर आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। तमाम लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे समय में पिछले सात दिनों से लगातार पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाना सरासर जनविरोधी है। रेट भी तब बढ़ाए जा रहे हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बहुत कम हैं।

स्थिति यह है कि भारत, उन देशों में शामिल हो गया है जहां पेट्रोल-डीजल के दाम दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। इस मूल्य वृद्धि का असर हर क्षेत्र पर पड़ेगा और आर्थिक संकट झेलते लोगों पर महंगाई की मार पड़ेगी।

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तेल कंपनियों ने कौड़ियों के भाव कच्चा तेल खरीद कर स्टाक जमा किया

रालोद के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढोत्तरी को आम लोगों के प्रति अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई के महीनों में तेल कंपनियों ने कौड़ियों के भाव कच्चा तेल खरीद कर स्टाक जमा किया है। बेहतर होता कि वे इस समय देश के लोगों को सस्ती दर पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करातीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलना होगा। लगता है कि कोरोना आपदा तेल कंपनियों के लिए अवसर बन गई है। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकारों से मांग की है कि पेट्रो उत्पादों पर बढ़ाए गए टैक्स का बोझ कम करके जनता को राहत दें।
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