समाजवादी विचारधारा को आतंकवाद, वंशवाद और भ्रष्टाचार का पोषक बताने के विरोध में सपा के सदस्यों ने सोमवार को विधानसभा के वैल में आकर नारेबाजी की और धरना दिया।
सपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान की निंदा करते हुए उनसे समाजवादियों और देश से माफी मांगने की मांग की।
सपा के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही प्रश्न काल के बाद बाधित रही। विधानसभा अध्यक्ष ने 2.25 बजे सदन की कार्यवाही मंगलवार सवेरे10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्न काल खत्म होते ही नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी ने सदन की चर्चा रोककर मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान में समाजवाद शब्द का उल्लेख है।
मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले अपने भाषण में समाजवादी विचारधारा को आतंकवाद, भ्रष्टाचार और वंशवाद की पोषक बताया है। देश को आजाद कराने और विकास के रास्ते पर ले जाने में समाजवादियों की अहम भूमिका रही है।
शहीद भगत सिंह, डॉ. राममनोहर लोहिया, आचार्य नरेन्द्र देव, एसएन जोशी, राजनारायण, चन्द्रशेखर और जनेश्वर मिश्र जैसे नेता समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे हैं।
1942 के भारत छोड़ों आंदोलन में समाजवादियों का प्रमुख योगदान रहा है। समाजवादी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद 1942 में जय प्रकाश नारायण हजारीबाग जेल फांदकर बाहर आए और नौजवानों को संगठित कर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे नेता द्वारा समाजवादियों को आतंकवाद का पोषक बताना निंदनीय है। मुख्यमंत्री को अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।