उदासीन आश्रम रानोपाली के महंत डॉ. भरत दास का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेहद चिंताजनक है। ऐसे में पूजा-अर्चना के लिए घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। जरा सी लापरवाही पूरे समाज पर भारी पड़ सकती है। घर में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाए तो वह फलदाई होती है। धर्म-कर्म के साथ-साथ सामाजिक समस्या की चिंता भी जरूरी है, इसलिए घर पर ही रहक पूजा-अर्चना करें।
मंदिरों में अनावश्यक भीड़ न लगाएं : वैदेही वल्लभ
बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण का कहना है कि वैश्विक महामारी से लड़ने में हम सभी को अपनी भूमिका अदा करनी होगी। नवरात्र व राम जन्मोत्सव का पर्व घर पर ही रहकर मनाएं। मंदिरों में अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्रित करना समाज के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोरोना वायरस के प्रसार को फैलने से अपने स्तर से रोकने का उपक्रम करते रहें।