सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने रामचरितमानस और महाभारत को काल्पनिक बताया है। इस पर रामनगरी के संत-धर्माचार्य भड़क गए। संतों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रामचरित मानस व महाभारत शाश्वत सत्य हैं। रामचरित मानस का एक-एक अक्षर वेद के समान है।
संतों ने कहा कि धवन दिवालियापन के शिकार हो गए हैं। उन्हें हमारे ग्रंथों का सम्यक अध्ययन करने के बाद ही कोई टिप्पणी करनी चाहिए। जबकि विहिप ने तो उन्हें समाज से बहिष्कृत करने की मांग कर डाली।
मुस्लिम पक्षकर राजीव धवन ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा है कि महाभारत एक इतिहास है और रामायण एक काव्य है। कहा कि काव्य तुलसीदास द्वारा कल्पना के आधार पर लिखी गई थी। इस पर संतों ने धवन को निशाने पर लेते हुए कहा कि धवन का मानसिक इलाज होना चाहिए। यह बयान उनकी अज्ञानता का परिचायक है।
तुलसीदास ने अयोध्या में रामायण लिखी उनकी हस्तलिखित पोथी अयोध्या में प्राप्त हुई है जो कि प्रामाणिक है। संतों का कहना है कि चूंकि मुस्लिम पक्ष मुकदमा हार रहा है इसलिए इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।
शाश्वत सत्य है रामचरित मानस व महाभारत
संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि राजीव धवन का बयान नासमझी का परिचायक है। यह मैकाले की शिक्षापद्धति का दोष है। रामायण व रामचरित मानस का एक भी अक्षर काल्पनिक नहीं हैं। एक-एक शब्द रामचरित मानस का वेद के समान है। संत समिति बयान की घोर निंदा कर उन पर कार्रवाई की मांग करती है।
धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास
अयोध्या मामले के हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि मुकदमा हाथ से फिसलता हुआ देखकर उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। कहा कि पुरातत्व की खोदाई में भी विवादित स्थल पर मंदिर के अवशेष मिले थे। तथ्य व कथ्य सभी कुछ हिंदुओं के पक्ष में हैं जिसके चलते मुस्लिम पक्ष अब निराश हो चुका है।
आदि ग्रंथों व पुराणों का अध्ययन करें धवन
श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों पर इस तरह की टिप्पणी सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का काम करेगी। उन्हें चिंतन व अध्ययन करने के बाद ही टिप्पणी करनी चाहिए। यह टिप्पणी मुस्लिम पक्ष की हताशा का परिचायक है, क्योंकि उन्हें पता चल चुका है कि फैसला रामजन्मभूमि के हक में ही आने वाला है।
रामचरित मानस पर है शिव के हस्ताक्षर
-ज.गु.रामदिनेशाचार्य ने कहा कि 700 वर्ष पूर्व तुलसीदास का जन्म हुआ। उन्होंने अयोध्या के तुलसीचौरा में रामचरित मानस की रचना की। उनकी हस्त लिखित पोथी अयोध्या के श्रावण कुंज से प्राप्त हुई थी जो कि प्रामाणिक है। साथ ही रामचरित मानस पर भगवान शिव के हस्ताक्षर सत्यम, शिवम, सुंदरम के रूप में हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हिंदू विरोधी शक्तियों को आक्सीजन दे रहे हैं धवन
-विहिप के शरद शर्मा ने कहा कि धर्मग्रंथों व भगवान को काल्पनिक बताना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजीव धवन उसी कांग्रेस के सदस्य हैं जो पहले भी राम व रामसेतु को काल्पनिक बताती रही है। आज बाबरी के समर्थन में खड़े हैं। इनकी बयानबाजी हिंदू विरोधी शक्तियों को ऑक्सीजन देने का काम कर रही है। धर्मग्रंथों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये मंदिर नहीं बनने देना चाहते हैं इन्हें समाज से बहिष्कृत कर इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रामायण, गीता व कुरान सबका हम सम्मान करते हैं: इकबाल
सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील द्वारा रामचरित मानस को काल्पनिक काव्य बताए जाने पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि रामायण, गीता व कुरान हम सभी धर्मग्रंथों का सम्मान करते हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना करने नहीं जाते लेकिन हिंदू धर्म के देवी-देवताओं का पूरा सम्मान करते हैं। रही बात सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तो कोर्ट सबूत के आधार पर फैसला देगा। हम फैसले का सम्मान करेंगे।
धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं राजीव धवन: बबलू खान
राममंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बबलू खान ने कहा कि राम हिंदुओं ही नहीं मुसलमानों के भी पूर्वज हैं। कोर्ट में सबूतों के आधार पर फैसला होना है। सबूत राममंदिर के पक्ष में हैं जिसके चलते मुस्लिम पक्ष द्वेषपूर्ण बयानबाजी कर रहा है। धवन की बयाबाजी धार्मिक उन्माद फैलाने का कारण बन सकती है। लाखों करोड़ों वर्षों से राम की पूजा होती आ रही है। राम सनातन संस्कृति के आधार स्तंभ हैं, रामचरित मानस को काल्पनिक कहना मूर्खतापूर्ण है।