लखनऊ। पारा के माेहान रोड स्थित साईं हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचने से पहले ही मंगलवार को अस्पताल के गेट पर ताला लटक गया। आरोप है कि अफसरों के इशारे पर संचालक अस्पताल बंद करके भागा है। वहीं, सीएमओ कमेटी बनाकर जांच कराने का दावा कर रहे हैं।
मालूम हो कि ठाकुरगंज के लालाबाग के रहने वाले अंकित यादव की बहन कोमल आठ माह की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन ने उन्हें एक जून को मोहान रोड स्थित साईं हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। भाई अंकित का आरोप है कि डॉक्टर की जगह अस्पताल संचालक श्याम यादव व शेरा सिंह ने बहन का इलाज किया था। इलाज में हुई लापरवाही से हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद इंजेक्शन व कुछ दवाएं दी थीं। इससे कोमल की मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने कोमल को जिंदा बताकर कृष्णानगर के दूसरे हॉस्पिटल रेफर कर दिया था। वहां डॉक्टरों ने जांच कर कोमल को मृत घोषित कर दिया था। मामले में पुलिस को तहरीर भी दी गई है। पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। इसी बीच मंगलवार को संचालक अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। सभी पहुलओं पर जांच की जाएगी। जांच में आरोप सही मिले तो मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति होगी।
Iअस्पताल पहले से बंद चल रहा है। मरीज अस्पताल में कुछ देर के लिए आया था, जिसके बाद उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
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- शेर सिंह, निदेशक, साईं हॉस्पिटलI