- श्री खाटू श्याम मंदिर में युवाओं के प्रेरक वीर बाल शहीद विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
- स्वामी विवेकानंद यूथ वेलफेयर सोसाइटी व उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी ने किया आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। साहिबजादे साहस और देश के प्रति बलिदान के प्रतीक हैं। इनसे धर्म के प्रति निष्ठा की सीख मिलती है। गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन अपने धर्म से नहीं हटे। इनसे राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का भी संदेश मिलता है। युवाओं के प्रेरक वीर बाल शहीद विषय पर आयोजित संगोष्ठी में प्रो. पवन सिन्हा ने ये बातें कहीं।
वह साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में शनिवार को स्वामी विवेकानंद यूथ वेलफेयर सोसाइटी व उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चार साहिबजादों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके जीवन से सीखकर निर्भीक, निर्भय होना चाहिए। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि साल 2022 से भारत सरकार ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि विधायक डॉ नीरज बोरा, निदेशक राज बहादुर, सोसाइटी अध्यक्ष अनुराग साहू, कार्यक्रम समन्वयक अरविंद नारायण मिश्रा, मुख्य वक्ता आध्यात्मिक गुरु प्रो. पवन सिन्हा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम समन्वयक अरविंद नारायण मिश्रा ने विद्वानों को प्रतीक चिह्न व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वरिष्ठ पंजाबी विद्वान नरेंद्र सिंह मोंगा, दविंदर पाल सिंह बग्गा, पंजाबी विदुषी मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी, युवा पंजाबी विदुषी रनदीप कौर ने भी साहिबजादों पर विस्तृत चर्चा की। इस मौके पर प्रियंक गुप्ता, माया आनंद, राजू साहू, सतीश वर्मा, मानू गुप्ता, अभिनव गुप्ता, शिवम सिंह, अमरनाथ अग्रवाल, संजय जायसवाल आदि उपस्थित रहे।
11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।
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