कोच में सभी सुरक्षा उपायों को पूरा किया गया है। इनमें ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने के लिए उपाय, अग्निरोधी पदार्थ का उपयोग, स्मोक सेंसर और आपात काल में यात्रियों को निकालने के लिए इमरजेंसी गेट डिजाइन में शामिल किए गए हैं।
सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटिक होगा। ड्राइवर की दखलंदाजी भी मेट्रो के संचालन में बहुत कम होगी।
यात्रियों की निगरानी से लेकर उनकी सुविधा का ख्याल कोच में रखा गया है।
इसमें कोच के अंदर कम शोर, यात्रिओं के एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे तक जाने की सुविधा, आपात काल की सूचना सुविधाओं सहित पब्लिक एनाउंसमेंट एंड डिसप्ले सिस्टम, कोच के अंदर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था, पकड़ने के लिए सुविधाजनक हैंडल, विकलांगजनों के लिए व्हीलचेयर, बड़ी-बड़ी खिड़कियां, लोगों की औसत ऊंचाई को ध्यान में रखकर गेट की हाइट तक का ध्यान कोच को डिजाइन करने में रखा जाएगा।