लखनऊ। राजधानी सहित प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम और सुरक्षा उपकरणों की जांच होगी। इसमें मिलने वाली खामियों को जुलाई से पहले दूर करना होगा। अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी नोडल अधिकारियों को यह आदेश जारी किया है।
प्रशिक्षण निदेशालय के अनुसार, 15 से 20 वर्ष पुराने फायर फाइटिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी होने पर इसे ठीक कराया जाएगा और स्थिति बेहद दयनीय होने पर बदला जाएगा। खासकर बिजली से चलने वाले उपकरणों की बारीकियों को परखा जाएगा। भवनों में निकासी और आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य बिंदुओं की जांच कराकर जुलाई से पहले व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजकीय आईटीआई के नोडल अधिकारी राजकुमार यादव ने बताया कि आईटीआई में फायर फाइटिंग सिस्टम व अन्य तकनीकी पहलुओं की नियमित जांच की जाती है और स्थिति सही न मिलने पर मरम्मत कराई जाती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के अनुसार, प्रदेश में 200 राजकीय, 20 पीपीपी मॉडल, 12 राजकीय महिला और 2932 प्राइवेट आईटीआई संचालित हैं। राजकीय आईटीआई के ऐसे भवन जो 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं और वहां का फायर फाइटिंग सिस्टम भी पुराना है, उन्हें बेहतर करने के साथ आधुनिक सिस्टम लगाया जाएगा। प्राइवेट आईटीआई के हर तल पर इमरजेंसी दरवाजों को भी खोला जाएगा।