रेल नीर की किल्लत के कारण गुणवत्तारहित पानी की बोतलों से यात्रियों को अक्तूबर से निजात मिल सकेगी।
भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अमेठी स्थित रेल नीर प्लांट में अक्तूबर से रोजाना 75 हजार बोतल पानी का उत्पादन हो सकेगा।
यहां से रेल नीर की सप्लाई लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर व आसपास के स्टेशनों पर की जाएगी।
यात्रियों को उचित दाम पर शुद्घ पेयजल मुहैया कराने के लिए रेलवे ने अमेठी में रेल नीर प्लांट लगाने का जिम्मा आईआरसीटीसी को दिया है।
प्लांट के लिए आईआरसीटीसी को जमीन लेने में काफी देरी हुई। रेलवे की भूमि काफी महंगी होने के कारण निगम को यह राज्य सरकार से लेनी पड़ी।
जनवरी में प्लांट का शिलान्यास हुआ, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनओसी मिलने में डेढ़ माह लग गए।
इस कारण जुलाई में रेल नीर की आपूर्ति की आईआरसीटीसी की योजना खटाई में पड़ गई।
अब एनओसी मिलने के बाद प्लांट का निर्माण शुरू हो गया है। यह प्लांट अक्तूबर के पहले सप्ताह में रोजाना 75 हजार बोतलों की आपूर्ति कर सकेगा।
इससे लखनऊ के स्टेशन पर हो रही जबर्दस्त पेयजल की किल्लत दूर होगी।
रेल नीर की किल्लत के कारण रेलवे के लाइसेंसी वेंडर और ट्रेनों में खानपान का ठेका लेने वाली कंपनियां यात्रियों को 20 रुपये में गुणवत्तारहित पानी की बोतलें मुहैया कराती हैं।
आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि अमेठी प्लांट से लखनऊ व आसपास के स्टेशनों के यात्रियों को उनकी मांग के अनुसार रेल नीर मुहैया कराया जा सकेगा।
ललितपुर प्लांट के शुरू होने के बाद झांसी और आसपास के इलाकों में यात्रियों को रेल नीर मिल सकेगा।