सचिन तेंदुलकर की ऐतिहासिक विदाई की यादें संजोकर रखने की शहरवासियों की मंशा पर डाक विभाग की लापरवाही ने पानी फेर दिया।
सचिन पर तीन दिन पहले जारी डाक टिकट प्रदेश की राजधानी स्थित प्रधान डाकघर तक ही नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में शनिवार को डाक टिकट पहुंचे सैकड़ों क्रिकेट प्रेमियों को मायूस लौटना पड़ा।
सचिन के 200वें टेस्ट क्रिकेट पर डाक विभाग ने नई दिल्ली में बृहस्पतिवार को 20 रुपये के मूल्य के दो अलग-अलग डाक टिकट और शीटलेट व मिनियेचर जारी किए थे।
हर डाक टिकट के 30 लाख 10 हजार लाख प्रिंट जारी हुए हैं, जबकि शीटलेट के 16लाख 10 हजार और मिनियेचर के 24 लाख प्रिंट जारी किए गए हैं।
कुल जारी टिकटों में दस फीसदी प्रदेश को भेजा जाता है। हालांकि, डाक टिकट और शीटलेट व मिनियेचर शनिवार शाम तक लखनऊ नहीं पहुंच सके।
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इधर सचिन तेंदुलकर के आखिरी मैच का अंतिम दिन होने के कारण बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक जीपीओ पहुंचे थे।
टिकट न आने की जानकारी पर प्रशंसक निराश हो गए। फिलेटली विभाग के उत्तर प्रदेश में पांच ब्यूरो हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद, वाराणसी और कानपुर शामिल हैं।
लखनऊ ब्यूरो के अधीक्षक रमेशचंद्र प्रजापति का कहना है कि सचिन तेंदुलकर का अंतिम मैच होने के कारण डाक विभाग ने सारा ध्यान महाराष्ट्र और विशेषकर मुंबई की ओर लगा दिया है।
वानखेड़े स्टेडियम में ही सचिन के डाक टिकट बेचने के लिए 15 स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं, शनिवार देर शाम दो पैकेट स्टाम्प लखनऊ पहुंचे हैं। इसमें कौन से डाक टिकट हैं, इसकी जानकारी सोमवार को ही हो सकेगी।