बलरामपुर अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती बच्चे की मौत पर घरवालों ने जमकर हंगामा किया।
परिवार वालों का आरोप था कि बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हो रहा था, लेकिन रविवार को वार्ड में आए डॉक्टर ने इंजेक्शन लगा दिया।
इससे उसकी हालत बिगड़ गई और थोड़ी देर बाद मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद हंगामे की सूचना पर पहुंचे चिकित्सकों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
रहीम बख्श हाता के रहने वाले मोहम्मद आकिब (10) को बीते सोमवार को आग से झुलसने के बाद बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था।
कई दिन इलाज चलने के बाद हालत में सुधार हुआ और बच्चा धीरे-धीरे चलने लगा था। रविवार को करीब साढ़े दस बजे वार्ड में राउंड पर आए चिकित्सक ने बच्चे की जांच रिपोर्ट देखने के बाद उसे एक इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन लगने के बाद ही बच्चे की हालत गंभीर हो गई और करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हो रहा था, लेकिन गलत इंजेक्शन लगाने से उसकी मौत हो गई।
वहीं, वार्ड में पहुंचे चिकित्सकों ने कहा कि बच्चे के शरीर में संक्रमण अधिक हो गया था और इसकी वजह से मौत हो गई।
चिकित्सकों ने बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराने की सलाह दी, लेकिन परिवारीजन बच्चे के शव को लेकर वापस घर चले गए। बच्चे के पिता मोहम्मद खालिद की पहले ही मौत हो चुकी है।