तेंदुए की मौत को लेकर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एसके उपाध्याय का कहना है कि लखनऊ पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान असंवेदनशीलता बरती है। जब वन विभाग की टीम को भीड़ ऑपरेशन के दौरान रोक रही थी, उस समय पुलिस बस देखती रही।
यह बात उन्होंने रविवार को राजधानी में आयोजित वन्यजीव प्रेमियों के सेमिनार ‘प्रकृति 2018’ में कही। इसी दौरान पीसीसीएफ और विभागाध्यक्ष (वन) रूपक डे ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। ऐसे में अभी इस पर अंतिम रूप से कुछ कहने से बचना चाहिए।
उपाध्याय ने कहा कि तेंदुआ डरा हुआ अपनी जान बचाने को भाग रहा था। वह पाइपों में छिपा हुआ था। वहीं जब वन विभाग टीम को भीड़ की वजह से उसे निकालने में मुश्किल हो रही थी तब पुलिस ने बेहद संवेदनशील रवैया नहीं बरता। पुलिस को वन्य जीव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के सह अध्यक्ष गौरव प्रकाश ने कहा कि लखनऊ में जिस तरह पुलिस ने तेंदुए को मारा, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बताया कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें 100 से अधिक लोगों ने संदेश भेजकर गुस्से का इजहार किया। कहा कि सभी वन्य जीव प्रेमियों को पुलिस के खिलाफ अभियान छेड़ना चाहिए। दोषियों को सजा दिलवाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।