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तेंदुआ की मौत का मामला उलझा, वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश, वन संरक्षक ने पुलिस पर उठाए सवाल

Mon, 19 Feb 2018 01:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के आशियाना में शनिवार सुबह पुलिस की गोली से मारे गए तेंदुआ की मौत का मामला उलझ गया है। दरअसल जिस किचन में तेंदुआ का शव मिला था, वहां की दीवार में ड्रिल से बनाए गए छेद मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कहीं तेंदुआ को ड्रिल से बनाए गए छेद से तो गोलियां नहीं मारी गईं? तेंदुआ के शव से बुलेट न मिलने के चलते भी स्थिति अस्पष्ट है।

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बुलेट मिलने पर ही तय हो सकेगा कि गोली पुलिस के असलहे से चली या किसी और के असलहे से। इस बीच वन्यजीव प्रेमियों में तेंदुआ की मौत से खासा आक्रोश है। प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) एसके उपाध्याय का कहना है कि पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान संवेदनशीलता नहीं बरती जिसके चलते तेंदुआ को जान गंवानी पड़ी। उधर, वन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं। रविवार को वन विभाग का कोई अधिकारी मौके पर गया न ही जांच शुरू की।

इतनी ढिलाई, बयान लेने तक नहीं पहुंचे अधिकारी
तेंदुए की हत्या के मुकदमे की जांच को लेकर पहले ही दिन से लचर रवैया दिखा। रेंज जोन के संबंधित अधिकारी मौका-ए-वारदात पर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने तक नहीं पहुंचे और न ही आला अधिकारियों को मामले की प्रगति से रविवार देर शाम तक अवगत कराया।
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डीएफओ अवध मनोज सोनकर ने बताया कि जिन अधिकारियों को जांच के लिए नामित किया है, उन्होंने मामले की प्रगति से अवगत नहीं कराया है। तेंदुए की हत्या को लेकर शेडयूल वन के वन्यजीव की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के साथ वन्यजीव की मौत की जांच लखनऊ वन विभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी अयोध्या प्रसाद को पूरी करके देनी है।

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इधर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक बोले- पुलिस ने नहीं बरती संवेदनशीलता

- फोटो : amar ujala
तेंदुए की मौत को लेकर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एसके उपाध्याय का कहना है कि लखनऊ पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान असंवेदनशीलता बरती है। जब वन विभाग की टीम को भीड़ ऑपरेशन के दौरान रोक रही थी, उस समय पुलिस बस देखती रही।

यह बात उन्होंने रविवार को राजधानी में आयोजित वन्यजीव प्रेमियों के सेमिनार ‘प्रकृति 2018’ में कही। इसी दौरान पीसीसीएफ और विभागाध्यक्ष (वन) रूपक डे ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। ऐसे में अभी इस पर अंतिम रूप से कुछ कहने से बचना चाहिए।

उपाध्याय ने कहा कि तेंदुआ डरा हुआ अपनी जान बचाने को भाग रहा था। वह पाइपों में छिपा हुआ था। वहीं जब वन विभाग टीम को भीड़ की वजह से उसे निकालने में मुश्किल हो रही थी तब पुलिस ने बेहद संवेदनशील रवैया नहीं बरता। पुलिस को वन्य जीव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है।

कार्यक्रम के दौरान पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के सह अध्यक्ष गौरव प्रकाश ने कहा कि लखनऊ में जिस तरह पुलिस ने तेंदुए को मारा, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बताया कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें 100 से अधिक लोगों ने संदेश भेजकर गुस्से का इजहार किया। कहा कि सभी वन्य जीव प्रेमियों को पुलिस के खिलाफ अभियान छेड़ना चाहिए। दोषियों को सजा दिलवाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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