योगी ने सपा सरकार के अंतिम वर्ष के अपराधों की वर्तमान सरकार के कार्यकाल की घटनाओं का तुलनात्मक ब्योरा देते हुए सभी तरह के अपराधों में बड़ी कमी का दावा किया। उन्होंने 2016 और 2019 के अपराधों की तुलना करते हुए बताया कि डकैती में 60.94 प्रतिशत, लूट में 46.42, हत्या में 20.95, बलवा में 27.19, रोड होल्डअप में 100, फि रौती के लिए अपहरण में 46 व दुष्कर्म के मामले में 18.59 प्रतिशत की कमी आई है।
उन्होंने कहा कि नारी के सम्मान के दिशा में ही केंद्र व राज्य सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, हर घर शौचालय, उज्जवला, कन्या सुमंगला व सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं शुरू की हैं।
सम्मान सुरक्षा सभी की, गुंडागर्दी किसी की नहीं
उन्होंने सिद्धार्थनगर और औरैया में कुछ दिनों के भीतर ही दुष्कर्म के दोषियों को सजा दिलाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के पक्ष में कोई दलील नहीं हो सकती। अपराधी को फास्ट ट्रैक कोर्ट से जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सम्मान और सुरक्षा सभी की, लेकिन गुंडागर्दी किसी की नहीं चलने देंगे। कानून के दायरे में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है, लेकिन गरीबों की जमीन पर सरकार के जमीन पर कब्जे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने उन्नाव की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि एसआईटी ने मामले में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मैनपुरी में नवोदय विद्यालय की घटना में सरकार ने समय से कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्थानीय स्तर पर समयबद्ध विवेचना में एसपी ने लापरवाही की तो उनकी शिथिलता पर कार्रवाई की गई। डीएम नवोदय विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष थे। उन्होंने वहां की स्थिति की समीक्षा नहीं की। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई। वहां अपराधियों के डीएनए जांच की कार्रवाई होगी।
विपक्ष पर हिंसा फैलाने का आरोप, कांग्रेस को अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएए को लेकर विपक्ष हिंसा फैलाने और लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहा है। सिखों का कत्लेआम कराने वाले न सिखाएं। जिन लोगों ने देश की एकता को तार-तार किया है, वे उंगली न उठाएं।
उन्होंने नैना साहनी कांड की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने आंचल में झांककर देखना चाहिए। जामिया की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक पार्टी के नेता व विधायक का नाम सामने आ रहा है।
सड़क पर आगजनी के लिए उकसाना और पाकिस्तान की भाषा बोलना कतई स्वीकार नहीं है। विपक्ष को सच स्वीकार करना सीखना चाहिए। ऐसा न करने पर विपक्ष विरोध करता है। पिछली सरकार के गुंडाराज को प्रदेश की जनता ने झेला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम माहौल बिगाड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनकी सरकार ने आंबेडकर के नाम पर राजनीति नहीं की। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध कांग्रेस करती रही। उन्हें इस बात का दर्द हो रहा है कि कश्मीर में विकास कैसे हो रहा है। प्रदेश के अंदर सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाए गए हैं। यही कारण है कि आज प्रदेश की कानून-व्यवस्था देश के लिए और अन्य प्रदेशों के लिए नजीर बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के दायरे में हर कोई अपनी बात रखे। अराजकता पैदा करने वाले अस्वीकार्य होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की जिम्मेदारी सरकार की है। सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने सदन में विपक्ष के उतावलेपन का जवाब दिया है।
काली पट्टी बांधकर आना सदन की अवमानना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सदस्यों के सदन में काली पट्टी बांधकर आने पर सवाल उठाया। कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं, यह प्रदेश की जनता व सदन की अवमानना है। इसे अवमानना के दायरे में आना चाहिए।