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10 हजार न देने पर वेंटीलेटर नहीं दिया, मरीज की तड़पकर मौत, हंगामा

Thu, 23 Feb 2017 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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ट्रॉमा सेंटर में एक तरफ मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था, वहीं पीआरओ और अन्य स्टॉफ सौदेबाजी में व्यस्त रहे। चौक के अस्तबल अहियागंज निवासी रंजीत निगम (40) की मंगलवार रात लगभग 1.30 बजे ट्रॉमा सेंटर में समय से उपचार न मिलने के चलते मौत हो गई।
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गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल के पीआरओ राजेश कुमार सिंह पर वेंटीलेटर दिलाने के लिए 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए मारपीट की। उन्हें पीआरओ कमरे से बाहर खींच लिया और पीटा। इस दौरान ट्रॉमा सेंटर में अफरातफरी मची रही।

मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवारीजनों को समझाकर मामला शांत कराया। उधर, पीआरओ के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर बुधवार सुबह केजीएमूय कर्मचारी परिषद ने ट्रॉमा पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
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प्रशासनिक अधिकारियों की हीलाहवाली से पदाधिकारी नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा मचाते हुए फार्मेसी, एक्स-रे आदि बंद कराने की कोशिश की। इसके बाद आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर में ही पुलिस को बुलाकार मृतक रंजीत के परिवारीजनों सहित 100 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई।

लहूलुहान हालत में लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे

अहियागंज निवासी रंजीत ट्यूशन पढ़ाने के अलावा टिफिन सर्विस चलाता था। मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह खाना खाकर मकान की तीसरी मंजिल पर टहलने गया और संदिग्ध हालात में नीचे गिर पड़ा। परिवार के लोग उसे लहूलुहान हालत में ट्रॉमा सेंटर लेकर आए।

यहां रंजीत को सर्जरी डिपार्टमेंट में ले जाया गया तो चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए वेंटीलेटर पर रखने के लिए कहा। चिकित्सकों ने परिवारीजनों से पीआरओ के पास जाकर वेंटीलेटर के लिए बात करने के लिए कहा।

रंजीत के भाई राजकुमार ने आरोप लगाया कि वह नीचे पीआरओ राजेश कुमार सिंह के ऑफिस पहुंचे। पीआरओ के कमरे में उनके अलावा एक और व्यक्ति मौजूद था, जिसने वेंटीलेटर के लिए 10 हजार रुपये मांगे।

नहीं पसीजा कोई, हाथ-पैर जोड़ते रहे परिवारीजन

रंजीत की हालत बहुत गंभीर थी और उस वक्त परिवारीजनों के पास इतने रुपये नहीं थे, इसलिए वह पीआरओ के हाथ-पैर जोड़ने लगे, लेकिन उन्होंने वेंटीलेटर का इंतजाम करने की बात कहते हुए उसे टरकाने का प्रयास किया।

इस बीच पीआरओ के साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति ने कहा कि पांच हजार रुपये की मांग रखी तो एक अन्य व्यक्ति 2500 रुपये में ही वेंटीलेटर दिलाने को राजी हो गया।

सौदेबाजी के बीच ही रात करीब डेढ़ बजे अधिक खून बहने से रंजीत ने दम तोड़ दिया। इसका पता चलते ही परिवारीजनों का आक्रोश फूट पड़ा। मोहल्ले के लोगों और परिवारीजनों ने पीआरओ राजेश सिंह को पकड़ा और उसके साथ मारपीट की।
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घरवालों ने की शिकायत, विरोध पर महिलाओं से की अभद्रता

रंजीत के बड़े भाई राजीव की पत्नी रजनी ने ट्रॉमा सेंटर के पीआरओ राजेश कुमार सिंह पर 2500 रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए चौक पुलिस को तहरीर दी है।

रजनी का कहना है कि वह अपने देवर को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लेकर आई जहां चिकित्सकों ने तत्काल वेंटीलेटर पर रखने के लिए कहा। पीआरओ से उन्होंने वेंटीलेटर दिलाने के लिए संपर्क किया तो उसने 2500 रुपये मांगे।

रुपये देने में असमर्थता जताने पर पीआरओ व स्टाफ के सदस्यों ने परिवार की महिलाओं से अपशब्द कहे और अभद्रता की। विरोध करने पर स्टाफ के लोग धक्का-मुक्की करने लगे।

रजनी का कहना है कि वेंटीलेटर न दिलाए जाने से देवर की मौत हो गई। उन्होंने दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इंस्पेक्टर चौक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तहरीर की जांच कराई जा रही है।
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