24 सितंबर से शुरू होने वाला मीजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान अब स्कूलों में भी चलेगा। इस दौरान छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावक भी रह सकेंगे। निजी स्कूलों से सहयोग लेने के लिए ये रास्ता निकाला गया है, क्योंकि राष्ट्रीय टीकाकरण अभियानों में सबसे बड़ी बाधा ये ही बनते रहे हैं। इस बार ऐसी कोई अड़चन न आए इसके लिए पहले से ही तैयारियां की जा रही हैं।
मीजल्स रुबेला (जर्मन खसरा) टीकाकरण को सफल बनाने के लिए मंगलवार को प्रशिक्षकों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में ये निर्णय लिया गया। अभियान में नौ माह से 15 साल की उम्र तक के बच्चों को शामिल किया गया है। इसलिए स्कूलों में भी टीकाकरण होगा। अभियान के लिए शिक्षा, महिला व बाल विकास, गृह, पंचायती, ग्रामीण विकास, सूचना व जनसंपर्क, श्रम, रेलवे, अल्पसंख्यक कल्याण व जिलाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज कुमार ने बताया कि अभियान के लिए प्रदेश के जिलों को चार हिस्सों में बांटकर प्रशिक्षकों को जानकारी दी जा रही है। इस प्रकार, सभी 75 जिलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस मौके पर महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. नीना गुप्ता, महाप्रबंधक रूटीन इम्यूनाइजेशन डॉ. विकास सिंहल, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. एपी चतुर्वेदी और 16 जिलों के टीकाकरण अफसर भी मौजूद रहे।