राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पूरा ध्यान अयोध्या मुद्दे पर इसी महीने सर्वोच्च न्यायालय के संभावित निर्णय के बाद की परिस्थितियों पर केंद्रित हो गया है। पूर्व निर्धारित सारी बैठकों को पहले ही स्थगित किया जा चुका है।
अब संघ ने न्यायालय के निर्णय के बाद माहौल को सामान्य और सौहार्द्रपूर्ण बनाए रखने की प्राथमिकता पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए संघ की तरफ से जगह-जगह समन्वय बैठक करके इस मुद्दे पर स्थानीय कार्यकर्ताओं को संयम और शांति से काम लेने का आग्रह करने का फैसला किया गया है। साथ ही संगठन से जुड़े लोगों से अयोध्या को लेकर अनावश्यक बयानों से बचने का आग्रह किया जा रहा है।
निर्णय किया गया है कि अधिकृत लोगों के अलावा कोई बयान नहीं देगा। दिल्ली में संघ की उच्चस्तरीय बैठक में बनी योजना के अनुसार अयोध्या को लेकर संघ परिवार के प्रांतीय पदाधिकारियों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जिलों के प्रमुख लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वे संघ से जुड़े सभी संगठनों की बैठक करके कार्यकर्ताओं से अयोध्या पर संयम और धैर्य रखने का आग्रह करें।
उन्हें समझाएं कि कुछ भी ऐसा न हो जिससे संगठन को लेकर सवाल उठें या परिस्थितियां बिगड़ें। भरोसा रखें कि सब कुछ ठीक रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, नीचे तक कार्यकर्ताओं को यह भी संदेश देने की योजना बनी है कि केंद्र से लेकर राज्य तक भाजपा की सरकार है। इसलिए ऐसा कुछ न होने पाए जिससे सरकारों की साख पर सवाल उठाने का किसी को मौका मिले।