रामतीरथ निषाद ने एक वर्ष पहले अपने खर्च से शौचालय बनवाया था। शौचालय बनवाते समय राजगीर की एक छोटी सी गलती के कारण आज पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। गांव के निवासी राम तीरथ निषाद ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा राजेश राजगीर था। शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से बाहर गये थे। घर पर टैंक में पाइप जोड़ने का काम चल रहा था। उन्हें इस बात का कतई अंदेशा तक नहीं था कि इस तरह का हादसा हो सकता है।
राम तीरथ ने बताया कि एक वर्ष पूर्व टैंक बना था। टैंक में पानी भरा था। शौचालय का प्रयोग भी किया जा रहा था लेकिन टैंक में पाइप नहीं लगी होने की वजह से गैस बाहर नहीं निकल पा रही थी। इस वजह से टैंक का पानी ऊपर तक आ गया था और उसे निकालने के लिए बेटा खुद काम कर रहा था। मृतक राजेश के छोटे भाई गुड्डू ने बताया कि टैंक 10 फिट गहरा था। राजेश टैंक में गिर पड़ा, जिसे निकालने के लिए अन्य लोग टैंक में उतरे थे।
टैंक में जहरीली गैस होने से सभी की जान चली गई। टैंक में गिरने से मौत का शिकार हुए राम किशन की सास रोते हुए बोली कि उनका दामाद मिस्त्री था। शुक्रवार को उनका दामाद भी टैंक में पाइप जोड़ने के लिए पहुंचा था। तभी यह हादसा हो गया। सीएचसी पर मृतक के परिवारीजन शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराने पर अड़ गए और शव पुलिस को देने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर लोग शांत हुए।