महिला स्वयंसेवकों की अलग से टोलियां बनाकर वंचित समाज की महिलाओं को जोड़ने के कार्यक्रम तय किए जाएंगे। संघ ने किशोरी पूजन कार्यक्रम भी शुरू करने का फैसला किया है। महिलाएं किशोरियों को फल, नारियल, मिठाई देकर गोद भराई करेंगी। वंचित समाज की किशोरियों को मुफ्त सेनेटरी पैड भी उपहार में दिए जाएंगे।
सेवा कार्यों का होगा सम्मान
सेवा कार्यों से जुडे़ वंचित समाज के बुजुर्गों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई है। हर जिले में मोची, दर्जी, धोबी, कहार, लोहार, पटवा, माली, दूधिया, वाल्मीकि, धानुक और सोनकर जैसी सेवा जातियों से जुड़े बुजुर्गों को सार्वजनिक आयोजन कर सम्मानित किया जाएगा।
त्योहारों और जयंतियों पर संघ वंचित समाज के साथ सामाजिक समरसता भोज करेगा। इसमें सार्वजनिक जीवन से जुड़े समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। समरसता मंच के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक गांव में सामाजिक केंद्र बनाए जाएंगे।
इन केंद्रों पर साप्ताहिक व पाक्षिक मिलन और सहभोज के कार्यक्रम होंगे। संघ ने समरसता मंच को भी कुटुंब प्रबोधन के कार्यक्रमों में जुटाने का निर्णय किया है। संघ के पांच कार्यक्रमों में कुटुंब प्रबोधन के अलावा गो संवर्धन, धर्म जागरण, ग्रामीण विकास और सामाजिक समरसता शामिल हैं।