विहिप ने दिल्ली में 9 दिसंबर को होने वाली धर्मसभा की तैयारियां तेज कर दी हैं। अयोध्या की की तर्ज पर पश्चिमी यूपी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने तैयारियों की बागडोर पूरी तरह अपने हाथ में ले रखी है। जगह-जगह बैठकें हो रही हैं। यह भी फैसला किया गया है कि धर्मसभाएं पहले पूर्वी उप्र में हों ताकि पश्चिमी उप्र के कार्यकर्ताओं का पूरा ध्यान दिल्ली रैली पर केंद्रित रहे।
सभाओं के बाद सांसदों से करेंगे संपर्क
विश्व हिंदू परिषद अवध प्रांत के संगठन मंत्री भोलेन्द्र के मुताबिक, संसदीय क्षेत्रों में धर्मसभाओं के बाद सांसदों से संपर्क और उनसे कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने का आग्रह किया जाएगा।
हर स्थान पर किसी न किसी संत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां के सांसद से मिलकर उसे संसद में कानून बनाने में सहयोग करने का आग्रह पत्र सौंपेगा। इस पर स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर भी होंगे।
इसके बाद मठ-मंदिरों में सामूहिक अनुष्ठान का कार्यक्रम रखा गया है। ये अनुष्ठान गीता जयंती यानी 18 से 26 दिसंबर तक चलेंगे। सभी जगह अनुष्ठान में स्थानीय लोगों को बुलाकर उनके साथ पूजा-अर्चना करके मंदिर निर्माण की राह में खड़ी बाधाएं दूर करने की प्रार्थना की जाएगी।