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संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी 2019 में जीत की जिम्मेदारी, दी खुली छूट

Wed, 27 Jun 2018 08:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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संघ प्रमुख मोहन भागवत व सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यूपी में मिशन-2019 की सफलता की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कंधों पर डाल दी है। इसके लिए योगी को खुलकर फैसले लेने की छूट दी गई है। साथ ही संघ ने विपक्ष की जातीय गणित की काट के लिए समग्र हिंदुत्व यानी दलितों व पिछड़ों को भी साथ लेकर चलने की सलाह दी गई है। पूरा चुनावी समर हिंदुत्व की जमीन पर सजेगा।

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संघ ने सीएम योगी समेत संगठन व सरकार के लोगों के साथ लखनऊ से दिल्ली तक मंगलवार को गहन मंथन करने के बाद मिशन-2019 की इस रणनीति का खाका खींचा।

योगी की दिल्ली में पहले संघ के सरकार्यवाह सुरेश जोशी भैया जी से बातचीत हुई। फिर सरसंघचालक मोहन भागवत भी बैठक में शामिल हुए। संघ की तरफ से भाजपा के प्रभारी सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल भी दिल्ली की बैठक  में मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
बैठक में कुछ मंत्रियों और नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठे। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में योगी ने संघ के शीर्ष नेतृत्व से इस पर चिंता जताई। तब संघ ने लखनऊ में मौजूद सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले से बात की। योगी शाम को दिल्ली से लखनऊ लौटे तो होसबोले से भी चर्चा हुई।

संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रिमंडल पुनर्गठन में ऐस मंत्रियों के पर कुतर दिए जाएंगे जिनसे सरकार व संगठन की छवि धूमिल हो रही है। चुनावी समीकरण साधने के लिए नए चेहरों को केंद्र और प्रदेश के मंत्रिमंडल में शामिल करने के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारी बढ़ाई जाएगी।

हिंदुत्व के सरोकारों पर हो सकती है घोषणा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मंथन में मिशन-2019 का चुनावी समर हिंदुत्व की जमीन पर सजाने की रणनीति तैयार की है। अगले साल होने वाला कुंभ भी इसका माध्यम बनेगा। कुंभ के दौरान हिंदुत्व के सरोकारों से जुड़े एजेंडे पर योगी सरकार की तरफ से कोई घोषणा भी हो सकती है।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सरकार चलाने में पूरी छूट देने और उनके नेतृत्व में ही चुनावी समर में उतरने की बात तय हुई। योगी के शाम को लखनऊ लौटने पर सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, संघ के दोनों क्षेत्रों के क्षेत्र प्रचारक को बैठाकर बातचीत की।

साथ ही संघ की शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों से भी सभी को अवगत कराया। इस बैठक में उल्लेखनीय बात यह भी रही कि बैठक के बाद जियामऊ स्थित विश्व संवाद केंद्र से जब मुख्यमंत्री सहित अन्य लोग निकलने लगे तो सहसरकार्यवाह होसबोले ने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को रोक लिया और उनसे एकांत में कुछ बातें की।

विपक्ष की जातीय गणित की काट के लिए हिंदुत्व की किलेबंदी

- फोटो : amar ujala
बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन से बन रही जातीय गणित की काट के लिए समग्र हिंदुत्व की किलेबंदी का फॉर्मूला तय हुआ। फैसला किया गया कि पूरा फोकस इस बात पर रहना है कि हिंदुओं के मतों में बहुत विभाजन न होने पाए।

इसके लिए दलितों और पिछड़ों को लामबंद करने के लिए चल रहे अभियानों को सतत जारी रखने के साथ सरकार के स्तर से भी कुछ काम करने की अपेक्षा संघ की तरफ से की गई। सचेत किया गया कि यह काम इस तरह न हो कि सामान्य वर्ग के लोगों को यह लगे कि उनकी चिंता नहीं की जा रही है।

कुछ मंत्रियों और नेताओं की कार्यशैली को लेकर इस बैठक में भी सवाल सामने आए। भाजपा की तरफ से यह भी कहा गया कि अधिकारियों की कार्यशैली से कई जगह कार्यकर्ताओं में हताशा व निराशा है। इसे ठीक करना जरूरी है अन्यथा चुनाव में कठिनाई होगी।
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क्यों है संघ की चिंता

संघ प्रमुख मोहन भागवत।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी की मंगलवार को दिल्ली की यात्रा और वहां संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक पूर्व निर्धारित नहीं थी। मुख्यमंत्री सोमवार को जब अयोध्या में साधु-संतों के बीच श्रीराम जन्मभूमि मुद्दे पर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय उन्हें दिल्ली पहुंचने का बुलावा मिला।

बुलावे के पीछे अयोध्या सहित हिंदुत्व के एजेंडे से जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों के विकास, कुंभ की व्यवस्था, गंगा की निर्मलता और अविरलता, कुछ स्थानों पर संघ की शाखाओं पर अधिकारियों की तरफ से अनावश्यक रोक-टोक, उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा जैसे दलों के गठबंधन से बन रहे समीकरण और चुनाव में हुई घोषणाओं पर काम के साथ एजेंडे से जुड़े स्थलों और मुद्दों पर सरकार के कामों की स्थिति जैसे मुद्दे रहे।

दिल्ली की बैठक में संघ की तरफ से भाजपा के प्रभारी सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल मौजूद रहे। इधर, लखनऊ में दिन भर मनन और मंथन का दौर चला। सुबह निरालानगर में सहसरकार्यवाह होसबोले की उपस्थिति में संघ के सभी प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल की बैठक हुई। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की मौजूदगी में सभी ने अपनी-अपनी अपेक्षाएं सरकार के सामने रखीं।
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