शिवपाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को निर्णायक संघर्ष और गिरफ्तारी के लिए तैयार रहना चाहिए। देश के ऊपर सवा चार सौ अरब डॉलर का कर्ज चढ़ चुका है। उत्तर प्रदेश के बजट का नौ प्रतिशत धन सिर्फ ब्याज चुकाने में जाता है।
बौद्धिक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक मिश्र ने कहा कि भगत-आजाद के समाजवाद के स्वप्न को लोहिया-जयप्रकाश ने सिद्धांत का रूप दिया जिसे मूर्त रूप देने और सार्थक बहस चलाने के लिए प्रसपा प्रतिबद्ध है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुंदर लोधी और संचालन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष दिनेश यादव ने किया। संगोष्ठी को रघुनन्दन सिंह काका, इरफान मलिक, प्रो. अल्पना वाजपेई, अर्चना राठौर, अरविन्द यादव, यशवर्धन सिंह, आपदाहरण, गौतम सागर राणे समेत कई लोगों ने संबोधित किया।