मिशन यूपी को दिशा देने के लिए संघ और विश्व हिंदू परिषद आने वाले समय में बड़ी भूमिका अदा करने वाले हैं। यहां चल रही संघ प्रचारकों की बैठक के दौरान एक दिन मिशन यूपी के लिए चर्चा होगी। इसके लिए 14 और 15 जुलाई की तारीख रखी गई है।
इस बैठक में संघ की तरफ से विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय और संगठन महामंत्री दिनेशजी को आमंत्रित किया गया है।
संघ और विश्व हिंदू परिषद पिछले करीब तीन वर्ष से घर-घर में अपनी पैठ बनाने में जुटा है। इस दौरान लोगों को हिंदुत्व और दमनकारी शक्तियों से निपटने की बात कही जा रही है। इसी कड़ी में फिलहाल यूपी पर अधिक फोकस करने की योजना है।
इस अभियान को किस तरह से बढ़ाना है, इस पर विचार करने के लिए आगामी दिनों में होने वाली इन संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घर-घर जाने के लिए स्वयं सेवकों की टोली भी बना ली गई है।
यूपी के कुछ क्षेत्रों में हो चुका है यह प्रयोग
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यूपी के कुछ क्षेत्रों में यह प्रयोग किया जा चुका है। लेकिन अब बिना कोई वक्त गवाएं इस अभियान को यूपी के सभी जनपदों में शुरू किया जाना है। अभी 40 प्रतिशत कार्य बाकी है।
इस दौरान लोगों को जो पत्रक बांटे जाएंगे उसमें आतंकवाद, अपराध मुक्त प्रदेश और भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश की बात कही गई है। जाहिर है कि इन्हीं मुद्दों पर मिशन 2017 में भाजपा भी यूपी में अपना कदम बढ़ा रही है।
दोनों प्रमुख संगठनों के बीच होने वाली बातचीत में यह भी तय होगा कि यूपी या अन्य राज्यों के लिए जो भी मुहिम चलायी जाएगी, उससे भाजपा को अलग रखा जाएगा। जिससे संगठन का गैर राजनीतिक स्वरूप बना रहे। संघ, विहिप के इन मुद्दों में घर वापसी, दलितों को जोड़ना जैसे प्रमुख कार्य भी शामिल है।
संघ के विचार विभाग का मानना है कि दलित वर्ग की संघ से दूरी है, जिसे जोड़ने के लिए अधिक प्रयास की जरूरत है। साफ है कि मिशन यूपी में दलितों को लेकर भाजपा ने भी बड़ा अभियान चला रखा है।