चारबाग स्थित केकेसी रेलवे पुल के गर्डर को बदलने का काम छह अप्रैल को किया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने ट्रैफिक ब्लॉक लिया है।
पंजाब मेल, जनता, बरौनी एक्सप्रेस, त्रिवेणी सहित कई ट्रेनें चारबाग स्टेशन नहीं आएंगी। ट्रेनों को मल्हौर के रास्ते ऐशबाग तथा उतरेटिया से आलमनगर के रास्ते चलाया जाएगा।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन की ओर से उतरेटिया से आलमनगर के बीच एलिवेटेड रूट पर नई लाइन बिछाई गई है।
केकेसी पुल केगर्डरों के बदलने से पहली बार ट्रेनों को आलमनगर उतरेटिया बाईपास से गुजारा जाएगा। छह अप्रैल को बरौनी ग्वालियर (11124), गोरखपुर बांद्रा (15067) और पनवेल गोरखपुर (15066) बदले हुए रूट मल्हौर से ऐशबाग के लिए रवाना होगी।
इसी क्रम में हावड़ा नई दिल्ल्ी (00469), हावड़ा अमृतसर पंजाब मेल (13005) उतरेटिया बाईपास से आलमनगर ले जाई जाएगी। वाराणसी देहरादून जनता (14265), टनकपुर सिंगरौली त्रिवेणी (15074) को भी उतरेटिया आलमनगर चलाया जाएगा। जबकि वाराणसी लखनऊ इंटरसिटी (14219/20) उतरेटिया स्टेशन पर टर्मिनेट की जाएगी।
इन ट्रेनों को बीच रास्ते में रोका जाएगा
कई ट्रेनों को रास्ते में रोककर भी चलाया जाएगा। कोलकाता जम्मूतवी एक्सप्रेस(13151), पुरी आनंदविहार नीलांचल (12875), धनबाद फिरोजपुर गंगा सतलज (13307), जम्मूतवी भागलपुर (15098), उद्योगनगरी (12173) और लखनऊ अयोध्या कैंट स्पेशल (04204) रोककर चलाई जाएंगी।
लखनऊ से 100 बसें चलाने की तैयारी
परिवहन निगम के लखनऊ परिक्षेत्र ने राजधानी से साधारण सेवा की 100 बसें चलाने की तैयारी की है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से निगम मुख्यालय को तय किए गए रूट का प्रस्ताव भेजा गया है। इन 100 बसोें में 90 डीजल और 10 सीएनजी चालित होगी। निगम सूत्रों का कहना कि 15 अप्रैल के बाद से नई बसों के बेड़े में आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इनमें आठ-आठ बसें बलिया, मऊ व गाजीपुर, छह बसें पूर्वांचल एक्सप्रेस से आमजगढ़ रूट की हैं, जबकि दस-दस बसें अयोध्या, टांडा व महमूदाबाद, 10 अयोध्या, बस्ती व गोरखपुर, आठ-आठ प्रयागराज व हरदोई एवं चार-चार बसें प्रतापगढ़, बरेली व सुल्तानपुर रूट पर चलाई जाएंगी।
मई तक आएंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के बेड़े में थ्रीपी मॉडल पर 40 इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसें मई के अंतिम हफ्ते तक आ जाएंगी। नगरीय परिवहन निदेशालय ने थ्रीपी मॉडल पर 700 बसें चलाने का अनुबंध किया है। इनमें 355 बसें रूट पर सवारी ढो रही हैं। मई में जो अन्य इलेक्ट्रिक बसें आने वाली उनमें से 40 लखनऊ के हिस्से में आएगी। वर्तमान में 60 इलेक्ट्रिक बसें निजी सहभागिता की पहले से चल रही हैं। इन 40 बसों के आने से 100 की संख्या हो जाएगी।