घुटना प्रत्यारोपण में ज्यादा कारगर है रोबोटिक सर्जरी।
लखनऊ। भारतीय आर्थोप्लास्टी एसोसिएशन की ओर से आयोजित आईएएकॉन-2025 में आयोजन सचिव डॉ. संदीप कपूर ने बताया कि घुटना प्रत्यारोपण में सामान्य के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी ज्यादा कारगर है। इसमें खून कम बहता है और रिकवरी भी तेज होती है। इस वजह से मरीज को अस्पताल में कम दिन रहना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि रोबोट के माध्यम से प्रत्यारोपण में बड़ा चीरा नहीं लगाना पड़ता है। इस वजह से मांसपेशियों को भी कम नुकसान होता है। उनके मुताबिक, सभी मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सलाह नहीं दी जाती है। मरीजों की स्थिति का आंकलन कर ही रोबोटिक या सामान्य सर्जरी से घुटना प्रत्यारोपण का फैसला किया जाता है।
डॉ. विजय बोस ने बताया कि घुटनों की बीमारी से बचने के लिए नियमित रूप से पैदल चलना चाहिए। वजन पर काबू रखकर, कैल्शियम युक्त भोजन का सेवन और साइकिल चलाना भी फायदेमंद होता है। डॉ. एसकेएस मार्या ने बताया कि कृत्रिम घुटने के साथ 15 से 20 साल चल सकते हैं। इसके बाद इसका प्रत्यारोपण दोबारा कराना पड़ता है। कार्यक्रम में डॉ. संजीव जैन और डॉ. नील पी. सेठ ने भी रोबोटिक सर्जरी के फायदों के बारे में बताया।