फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: केजीएमयू में पहली बार रोबोटिक कूल्हा प्रत्यारोपण

विज्ञापन
सर्जरी करने वाली डॉक्टरों की टीम।
विज्ञापन
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शुक्रवार को पहली बार रोबोट के माध्यम से कूल्हा प्रत्यारोपित किया गया। दो मरीजों को एक साथ इसका लाभ मिला है। दोनों मरीज आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं। ऐसा पहली बार है, जब किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू हुई है।
विज्ञापन

केजीएमयू में हड्डी रोग विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष कुमार ने बताया कि रोबोटिक विधि से कूल्हा प्रत्यारोपण के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें हड्डियों की थ्रीडी मैपिंग होती है। इससे इंप्लांट सटीक तरीके से फिट होता है। इसमें खून कम बहता है, इसलिए मरीज की रिकवरी तेज होती है।
शुक्रवार को दो मरीजों के कूल्हे प्रत्यारोपित किए गए। इनमें लखीमपुर निवासी 20 वर्षीय दुर्गेश और बस्ती निवासी 75 वर्षीय ब्रह्मदेव शामिल हैं। दोनों मरीज गठिया से पीड़ित थे। इस वजह से कूल्हा प्रत्यारोपित करना ही एकमात्र विकल्प था। आयुष्मान योजना में दोनों की सर्जरी कैशलेस प्रणाली पर हुई। सामान्य मरीजों के लिए केजीएमयू में इस सर्जरी की लागत करीब तीन लाख रुपये है, जबकि निजी अस्पताल में चार से पांच लाख रुपये।
विज्ञापन

केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि यह तकनीक अब सरकारी संस्थानों में भी उन्नत और कम दर्द वाली सर्जरी की दिशा में सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में केजीएमयू के अन्य विभागों में भी रोबोटिक तकनीक से सर्जरी शुरू की जाएगी।


सर्जरी में ये रहे शामिल
प्रो. आशीष कुमार, प्रो. नरेंद्र, प्रो. कुमार शांतनु, डॉ. संजीव, डॉ. देवर्षि, डॉ. मधुसूदन और डॉ. बृजमोहन। सर्जरी के दौरान सफल एनेस्थीसिया प्रबंधन की जिम्मेदारी प्रो. दिनेश कौशल और डॉ. नीलकमल की टीम ने संभाली।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें