केस 1 : 18-19 जून की रात संचय कारिडाल और सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव पूरे परिवार के साथ दिल्ली से अपने एक परिचित की अंत्येष्टि में हिस्सा लेने आ रहे थे। कानपुर के पास रास्ते में एक्सीडेंट के बाद मौके पर बदमाशों ने जमकर लूटपाट की। 20 हजार रुपये नगद और आधा दर्जन मोबाइल व महिलाओं की ज्वैलरी लूट ली।
केस 2 : आगरा के डौकी थाना क्षेत्र में गांव नगला बेहड़ के पास हथियारबंद चार बदमाशों ने कानपुर के एक बैंक के कैशियर रामेंद्र सहाय और उनके चालक को लूट लिया। वह अपनी भांजी को डाक्टर को दिखाने परिवार सहित दिल्ली जा रहे थे। रोड होल्डअप के कारण कार खराब होने पर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस भांजी सहित चार लोगों को बस में बैठाने चली गई। तभी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
केस 3 : अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में सहायक कुलसचिव फैसल फरीद करहल से 20 किलोमीटर आगे इटावा चौपुला पुल के पास रोड होल्डअप का शिकार हो गए। लुटेरों द्वारा पूरी रोड को पत्थरों से ब्लॉक कर दिया गया था। पत्थरों से टकराने से गाड़ी का टायर फट गया। बदमाश अपने मंसूबे में कामयाब होते इससे पहले पीछे से आ रही दो अन्य गाड़ियां भी उन्हीं पत्थरों से टकरा कर क्षतिग्रसत हो गईं। लोगों की संख्या अधिक होने की वजह से बदमाश भाग गए।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रात का सफर सुरक्षित नहीं है। एक माह के ये अंदर तीन बड़ी वारदातें पुलिस के प्रदेश में रोड होल्ड अप की घटनाओं पर लगाम की पोल खोल रही हैं। हकीकत यह है कि आधा दर्जन बड़ी वारदातें ऐसी हो चुकी हैं जहां बदमाशों ने राहगीरों को घायल कर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया हो। कई बार तो सड़के दुर्घटना के बाद भी लोग लूट का शिकार हो रहे हैं।
एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा केलिए पूर्व सरकार और मौजूदा सरकार द्वारा बड़े-बड़े वादे किए गए थे। लेकिन मौके पर यह सुरक्षा न केबराबर नजर आ रही है। यहां सुरक्षा के लिए 22 पुलिस चौकियां बनाने के लिए यूपीडा ने कहा था। अभी इसकी प्रक्रिया शुरू हुई है। इसे बनने में कम से कम चार से छह माह का समय लग सकता है। पिछले दिनों हुई समीक्षा में दावा किया गया था कि हर 15 किलोमीटर पर एक्सप्रेसवे पर एक पुलिस चौकी बनाई जाएगी।
पुलिस और एंबुलेंस की हर 20 किलोमीटर पर दोनों साइड में एक एक गाड़ियां होंगी। गाड़ियां रखी भी गईं लेकिन बदमाश भी ऐसे स्थान पर वारदात को अंजाम दे रहे जहां पुलिस को पहुंचने में कम से कम 12 से 15 मिनट लगे। यही वजह है कि बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं पुलिस आकर सिर्फ लकीर पीटती है।
एक्सप्रेस वे पर अभी टोल प्लाजा नहीं है। टोल प्लाजा शुरू होने से पहले इस रोड पर भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। लेकिन एक्सप्रेस की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी लिंक रोड से भारी वाहनों को प्रवेश दे रहे हैं। यह गाड़ियां भी हादसे की वजह बन रही हैं। इस दौरान बदमाश वारदात को अंजाम देकर आराम से फरार हो जाते है।