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लखनऊ के लोगों के लिए अच्छी खबर, अब गोमतीनगर से भी मिलेंगी पूर्वांचल और दिल्ली की रोडवेज बसें

Fri, 08 Dec 2017 03:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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कमता में तैयार होता बस अड्डा। - फोटो : amar ujala
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जल्द ही गोरखपुर रूट की बसें कमता स्थित नीचे बस अड्डे और ऊपर होटल से चलेंगी। इस रूट से आने वाली बसें बजट होटल स्थित अड्डे से सवारी लेकर दिल्ली जाएंगी। नए साल में इसकी शुरुआत की तैयारी है।
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परिवहन निगम ने ट्रैफिक सिस्टम सुधारने के लिए चारों ओर से बसों का संचालन करने की योजना तैयार की थी। इसके तहत फैजाबाद रोड पर कमता के सामने बनकर तैयार नीचे बस अड्डा और ऊपर होटल का जल्द शुभारंभ होने वाला है।

इसके बाद देवरिया, गोरखपुर, महाराजगंज, बस्ती, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर की ओर से आकर दिल्ली की ओर सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, हापुड़, गजरौला, गाजियाबाद, बिजनौर, हरिद्वार जाने वाली बसें इस बजट होटल से वाया मुंशीपुलिया, रिंग रोड, सीतापुर रोड होकर जाएंगी। इससे इंदिरानगर, गोमतीनगर, चिनहट सहित आसपास के इलाकों के यात्रियों को चारबाग नहीं जाना पड़ेगा। 
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यूपीएसआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि कमता से बसों का संचालन नए साल में शुरू करना है। एलडीए से इसके लिए वार्ता हो चुकी है। यहां से पूर्वांचल के जिलों के अलावा फैजाबाद, सीतापुर हाइवे होते हुए दिल्ली को बसें चलाई जाएंगी। इससे गोमतीनगर के लोगों को बस पकड़ने के लिए चारबाग या आलमबाग नहीं जाना पड़ेगा। 
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36 करोड़ खर्च, एलडीए निजी कंपनी से चलवाएगा होटल

कमता तिराहे से बसों का संचालन शुरू कराने को बने बजट होटल कम अड्डे को एलडीए निजी कंपनी से चलवाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। होटल निर्माण फाइनल करने का काम भी तेज करा दिया गया है। कंसल्टेंट होटल चलाने को कंपनी की तलाश से लेकर इसके संचालन के नियमों को तय कराएगा।

अंडाकार शेप में होटल और नीचे बस अड्डा के प्रोजेक्ट पर एलडीए करीब 35.76 करोड़ खर्च कर चुका है। चार साल पहले प्राधिकरण ने 36.65 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद फैजाबाद रोड पर एक बजट होटल कम बस अड्डे का प्रोजेक्ट बनाया था। 35.76 करोड़ प्रोजेक्ट पर खर्च कर नौ मंजिला ढांचा खड़ा कर दिया गया है।

अब यूपीएसआरटीसी के साथ हुई वार्ता के बाद तय हुआ कि बस अड्डा जो बेसमेंट और भूतल पर संचालित होना है, उसे यूपीएसआरटीसी खुद चलवाए। प्रोजेक्ट में 90 प्रतिशत सिविल वर्क पूरा हो चुका है।
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