नगर निगम कार्यकारिणी के छह पदों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर भाजपा में खींचतान कम नहीं हुई है। इस कारण एक महीने बाद भी सदस्यों के चुनाव को लेकर सदन की बैठक नहीं बुलाई जा सकी है। उधर, कार्यकारिणी अधूरी होने से सड़कों की मरम्मत के लिए बजट, किराये की संपत्तियों को वैध करने के लिए समिति की रिपोर्ट लागू करने जैसे कई काम अटके हैं।
कार्यकारिणी के छह सदस्य एक जून को रिटायर हो चुके हैं। इनकी जगह नए सदस्यों का चुनाव होना है। चयन निर्विरोध हो, इसके लिए भाजपा पांच और सपा एक पद पर चुनाव लड़ाना चाहती है। दोनों दलों के इतने ही सदस्य रिटायर भी हुए हैं, लेकिन दस दिन पहले भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की ओर से कार्यकारिणी चुनाव को लेकर छह पार्षदों के नाम तय किए गए और शर्त लगाई गई कि लड़ेंगे पांच ही। इनके नाम महापौर तय करेंगी। इस विवाद के बाद एक जुलाई को होने वाला कार्यकारिणी चुनाव टाल दिया गया। इसके 10 दिन बाद भी भाजपा पांच नाम नहीं तय कर सकी है।
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समस्याओं के निस्तारण में मनमानी कर रहे अफसर
कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी का कहना है कि कार्यकारिणी का चुनाव कराकर नगर निगम के सामान्य सदन की बैठक जल्द बुलाई जाए। बैठक न होने से नालों की सफाई, पीने के पानी की किल्लत और मार्ग प्रकाश से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण में अफसर मनमानी कर रहे हैं। सदन की बैठक हो तो उनकी जवाबदेही तय की जाए। सपा पार्षद दल के नेता यावर हुसैन रेशू का कहना है कि बारिश में खराब हो रही सड़कों के पैचवर्क की जरूरत है। इसके लिए बजट पास करने का प्रस्ताव कार्यकारिणी में ही आएगा। सीवर की सफाई और कूड़ा उठान का काम भी निजी कंपनी सही से नहीं कर रही है। ऐसे में सदन हो तो अफसरों से जवाब तलब किया जाए। महापौर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि बैठक बुलाकर कार्यकारिणी का चुनाव कराया जाएगा। विकास का कोई काम नहीं रुकेगा।