प्रदेश में हर साल 40 हजार से अधिक सड़क हादसे होते हैं। इसमें लगभग 20 से 22 हजार लोग जान गंवा देते हैं। हर साल इस आंकड़े में लगातार इजाफा हो रहा है। इसे कम करने के लिए यातायात निदेशालय एक बार फिर से ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने की तैयारी कर रहा है। ब्लैक स्पॉट उस स्थान को कहते हैं, जहां सड़क हादसे अधिक होते हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक यातायात अशोक कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में प्रदेश में 1270 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इनमें से सर्वाधिक 57 हरदोई में, 52 प्रयागराज में और 49 बांदा में चिह्नित किए गए थे। जबकि सबसे कम ब्लैक स्पॉट फतेहपुर और जालौन में एक-एक चिह्नित किए गए थे। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 678, राज्य के राजमार्गों पर 334 और अन्य राजमार्गों पर 258 ब्लैक स्पॉट थे। अब जिलों से वर्ष 2017, 2018 व 2019 में हुए सड़क हादसों के मद्देनजर ब्लैक स्पॉट के बारे में जानकारी मांगी गई है।