लखनऊ। गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर आरएलडीए की प्रीमियम व्यावसायिक परियोजना में देरी से आवंटी परेशान हैं। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये जमा करने के बाद भी दुकानों का कब्जा नहीं मिला। 95 प्रतिशत भुगतान करने के बाद भी आवंटी खाली हाथ हैं। निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन को रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) की ओर से विकसित किया जा रहा है। यहां व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स भी बनाए जा रहे हैं। विभूतिखंड में आरएलडीए के व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स के आवंटी एसपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2020-21 में निर्माण आधारित भुगतान योजना के तहत ज्यादातर आवंटी 95 फीसदी भुगतान कर चुके हैं। इसके लिए उन्हें 30 सितंबर, 2023 तक कब्जा मिलना था, लेकिन अभी तक न निर्माण पूरा हुआ और न ही कब्जे की तिथि घोषित की गई। उन्होंने बताया कि वह करीब आठ करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं, लेकिन आरएलडीए की ओर से कब्जे को लेकर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
आवंटियों ने जल्द निर्माण पूरा कर कब्जा देने की मांग उठाई है। साथ ही देरी की अवधि के लिए 18 फीसदी वार्षिक ब्याज, परिसर की सुरक्षा व सफाई, पानी-सीवरेज व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है। एसपी सिंह ने बताया कि आरएलडीए ने जो पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिया है, वह कंडीशनल है जोकि शून्य है। दोनों टॉवर को जोड़ने वाले बीच का ब्रिज पूर्ण होने पर टॉवर पूर्ण माना जाएगा।
इस संबंध में आरएलडीए के मुख्य परियोजना प्रबंधक पावस यादव से बातचीत करने के लिए संपर्क किया गया लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। उनके किसी सहायक ने फोन कर बताया कि मीडिया को जवाब देने के लिए किसी अन्य अधिकारी से संपर्क करना होगा।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा पड़ा व्यासवसायिक कॉम्प्लेक्स।