बलरामपुर। बीते चार दिन से हो रही बारिश के चलते राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान व बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। गुरुवार को राप्ती नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर चेतावनी बिंदु से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था। नदी के तटीय इलाकों में बसे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। बाढ़ व कटान को लेकर लोगों में दहशत है। पहाड़ी नालों के भी उफनाने से कई गांवों में बाढ़ की आशंका जतायी जा रही है। इसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह हाई एलर्ट पर आ गया है। तटीय इलाकों की लगातार निगरानी को टीमें तैनात की गयी हैं।
मौसम विभाग की तरफ से जिले में 19 व 20 जून को भारी बारिश की आशंका जतायी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट को लेकर प्रशासन बचाव को लेकर पहले से सभी जरूरी इंतजाम पूरे कराने में जुट गया है। विशेषतौर पर राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
डीएम श्रुति ने तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपालों व ग्राम पंचायत सचिवों को भारी बारिश के साथ ही नदी के बाढ़ व कटान वाले इलाकों की पूरी निगरानी करते हुए किसी भी आपदा से निपटने को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। डीएम ने नदी के जल स्तर पर लगातार नजर रखते हुए इसकी अपडेट रिपोर्ट कंट्रोल रूम को देने को कहा है। सदर ब्लॉक के राप्ती नदी के सिसई घाट पर तैनात स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि पहाड़ों पर भारी बारिश होने से राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर है जिसकी तुलना में वर्तमान जलस्तर 103.90 मीटर पहुंच चुका है।
उच्चतम बाढ़ का स्तर 105.54 मीटर निर्धारित है। जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी के सदर व उतरौला तहसील के साढ़े तीन सौ गांवों मे बाढ़ व कटान का खतरा ग्रामीणों की चिंता बढ़ाने लगा है। जिले के 17 पहाड़ी नालों में बारिश का पानी आने से उफनाने की संभावना जताई जा रही है। इसकी चपेट में सदर व तुलसीपुर तहसील के कई गांव आ सकते हैं।